एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को सिंचाई विभाग का क्लर्क दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। क्लर्क अपने ही विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी से रिश्वत मांग रहा था। एंटी करप्शन की टीम ने उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराया।
इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक के मुताबिक सिंचाई विभाग में जिलेदार पद से सत्यप्रकाश शर्मा चार महीने पहले रिटायर्ड हुए थे। उनकी पेंशन की फाइल खंड गंगनहर में अधिशासी अभियंता कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक आशीष शर्मा ने रोक रखी थी। सत्यप्रकाश शर्मा अपनी पेंशन की फाइल ऊपर भेजने की बात कहते थे तो आशीष शर्मा पैसा मांगता था। यह शिकायत सत्यप्रकाश शर्मा ने एंटी करप्शन में कर दी।
एंटी करप्शन इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने अपनी टीम को लेकर फीलिंग लगाई। सत्यप्रकाश ने रिश्वत के पैसे आशीष शर्मा को दिए। तभी एंटी करप्शन टीम ने आशीष शर्मा को रंगेहाथ दबोच लिया। एंटी करप्शन टीम का नाम सुनते ही आशीष शर्मा हड़बड़ाकर बीमार होने का ड्रामा करने लगा। एंटी करप्शन टीम आशीष शर्मा को पकड़कर सिविल लाइन थाने ले आई। जहां पर उसके खिलाफ केस दर्ज कराया।
विभाग में मच रहा था क्लर्क लूट
पुलिस के मुताबिक सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि क्लर्क आशीष शर्मा ने विभाग में काफी लूट मचा रखी थी। बगैर पैसे के किसी का काम ही नहीं करता था। पेंशन की फाइल महीने तक दबाकर बैठा रहता था। पैसा लेकर ही काम करता है। कई बार पेंशन की फाइल को कहा, लेकिन उसने साफ कहा पैसे के बिना काम नहीं होता। काफी दुखी होने के बाद ही उसने एंटी करप्शन में इसकी शिकायत की थी।