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वसंत पंचमी आज, होलिका बनाने की होगी शुरुआत, यह होगा शुभ मुहूर्त

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वसंत पंचमी आज, होलिका बनाने की आज से होगी शुरुआत, यह होगा शुभ मुहूर्त
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होलिका दहन स्थान पर होगा पूजन
वसंत पंचमी पर होगा रंगों का आगाज
मेरठ। होलिका दहन से पहले होली बनाने की प्रक्रिया चालीस दिन पहले ही वसंत पंचमी के दिन शुरू हो जाती है। इस दिन गूलर वृक्ष की टहनी को गांव या मोहल्ले में या जिस जगह पर होली का दहन किया जाना होता है या किसी खुली जगह पर गाड़ दिया जाता है। इसे होली का ठुंडा गाड़ना भी कहते हैं। बसंत-पंचमी के दिन से ही होली की शुरुआत व निश्चित दहन स्थान में होली का ठुंडा गाढ़ने की भी परम्परा रही है। इसीलिए आज ही के दिन जगह-जगह पूजा-अर्चना करने के साथ होलिका बनाने की भी शुरुआत हो जाती है।
होलिका दहन के दौरान जो ठुंडा पहले गड़ा था उसे जलती होली से बाहर निकालकर तालाब आदि में या दूर ले जाकर रखा जाता है। इस तरह इसे प्रह्लाद का रुप मानकर उसकी रक्षा की जाती है। डंडा निकालने वाले को पुरस्कृत भी किया जाता है। हालांकि वर्तमान में इस चलन में थोड़ी कमी आई है। इसका कारण इस काम को करने वाले बच्चों और युवाओं की अन्य चीजों में बढ़ती व्यस्तता भी हैं।
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आज से ब्रज में होली की शुरुआत
मेरठ। दुनिया के कोने कोने में हिंदू समाज के लोग वसंत पंचमी का त्यौहार मनाते हैं। बृजभूमि में इस त्यौहार का एक अपना अलग ही रंग अलग ही महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बृज में वसंत पंचमी से ही 40 दिन के होली के पर्व की शुरुआत हो जाती है। वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भी वसंत पंचमी की इस होली का नजारा बेहद मन भावन होता है। परंपरा के अनुसार आज के दिन मंदिर में शृंगार आरती के बाद सबसे पहले मंदिर के पुजारी भगवान बांके बिहारी को गुलाल का टीका लगाकर होली के इस पर्व की विधिवत शुरुआत करते है। इसके बाद इस पल के साक्षी बने मंदिर प्रांगण में मौजूद श्रद्धालुओं पर पुजारियों द्वारा जमकर बसंती गुलाल उड़ाया जाता है।
*होलिका स्थान पूजन ठुंडा गाढ़ना*
शुभ मुहूर्त गुरुवार 30 जनवरी
प्रात- 07ऱ्10 से 08.31 तक शुभ की चौघड़िया में या
दोपहर- 12.34 से 01.00 के मध्य लाभ चौघड़िया में उत्तम रहेगा।
निश्चित स्थान पर गंगा जल से शुद्ध कर दूध का छिंटा देकर डंडा गाडकर रंगोली बना दे व कुछ शुभ लकड़ियां गूलर ,नीम, आदि को रख दें ।
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