क्रांतिकारी धरा सोमवार को हरे राम, हरे कृष्णा के जय-जयकारों से गूंज उठी। कैंट स्थित भैसाली मैदान कान्हा की नगरी जैसा बन गया। अद्भुत नजारों को देखने के लिए शहरवासी उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं ने एक ओर मंच पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए, तो दूसरी ओर उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाए श्रीकृष्ण को निहारा। पर्वत के नीचे ग्वाल बाल, गाय के दर्शन करते भक्त भाव विभोर हो गए। कान्हा के भजनों पर श्रद्धालु झूमने लगे।
इस्कॉन की 50वीं वर्षगांठ और जन्माष्टमी के मौके पर कृष्ण महोत्सव मनाया जा रहा है। पांच दिवसीय कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ किया गया। अमित ओबराय और ललित माखन ने दीप प्रज्ज्वलित किया। आनंद गर्ग व अमित गर्ग ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। श्रीमद् गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने शिष्य अक्रूर प्रभु ने हरे राम- हरे कृष्ण संकीर्तन के साथ प्रवचन प्रारंभ किए। उन्होंने वैष्णव भजन गोपानाथ सुनाया, जिसमें उन्होंने संदेश दिया कि एक भक्त भगवान को किस तरह पुकारता है।
भजन सुनकर सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। हरे कृष्ण- हरे राम की धुन पर श्रद्धालु झूमने लगे। झूलन यात्रा के बारे में भी विस्तार से बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेरठ दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना, विशिष्ठ अतिथि संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता, सोनू यादव रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य संयोजक रमेश चंद्र गुप्ता ने किया। साथ में अरविंद अग्रवाल, रूप नारायण माहेश्वरी, सतेंद्र रस्तोगी, तरुण गुप्ता, अरविंद गुप्ता, रूपवान दास प्रभु, शचिनंद्र गौड़ दास, रामकुमार एडवोकेट मौजूद रहे।
मैदान में सज गईं दुकानें
कार्यक्रम स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण और इस्कॉन की धार्मिक पुस्तकें, तुलसी माला, पुजा सामग्री, खाद्य सामग्री, मंदिरों का इतिहास आदि सामान की दुकानें भी सजाई गई हैं। मंगलवार को और दुकानें लगाई जाएंगी।
बच्चों के लिए लगाए झूले
भैसाली मैदान में जहां धार्मिक कार्यक्रम में भगवान नाम की वर्षा हो रही है, वहीं बच्चों के आनंद के लिए झूले भी लगाए गए हैं। अन्य दुकानों पर खाने के सामान भी हैं।
आज भी ये होंगे कार्यक्रम
6 बजे तुलसी आरती, 6:15 गौर आरती, 6:45 कीर्तन, 7:30 लीला का मंचन, 8 बजे बाल लीला शो, 9 बजे फूलों की होली, 9:30 बजे, भगवान की आरती और प्रसाद वितरण।