ग्रह गोचर और धनु लग्न में सूर्योदय दे रहा विकास और खुशहाली के संकेत
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नववर्ष 2025 की शुरुआत खास दिन और नक्षत्र के साथ होने जा रही है। गणपति के दिन बुधवार को नए साल का श्रीगणेश और ग्रह गोचर की स्थिति शुभ और लाभ का संयोग बना रही है। नए साल का शुभारंभ भगवान गणेश के खास दिन माने जाने वाले बुधवार को हो रहा है। नए साल का सूर्योदय धनु लग्न में होगा। उत्तराषाढ़ नक्षत्र के साथ व्याघात है योग होगा। यह योग किसी भी संकल्प व सिद्धी के लिए अच्छा रहेगा। ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि ये स्थिति खुशहाली के संकेत दे रही है। वहीं, विकास के दृष्टिकोण से नववर्ष भारत के लिए अच्छा माना जा रहा है।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि शुभ लग्न में जीवन ऊर्जा देने वाले सूर्य नारायण भगवान विराजमान होंगे। साथ ही न्याय के देवता कहे जाने वाले शनिदेव अपनी ही राशि कुंभ के तृतीय भाव में शुक्र के साथ विराजमान होंगे। ज्ञान के देव व लग्न के अधिपति ग्रह बृहस्पति छठे भाव में वृष राशि में होना भी शुभ फल देने वाला है।
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि आगामी वर्ष में ग्रह संबंधी युतियों एवं ग्रहों के गोचर को लेकर ज्योतिष शास्त्र में अनेकों परिवर्तन भी देखने को मिल रहे हैं। आमजन, देश एवं व्यापार के लिए नया वर्ष बेहतर रहेगा। नववर्ष में ग्रहों के गोचर से कई शुभ संयोग बन रहे हैं।
नए साल से छोड़ दीजिए बुरी आदतें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारी आदतें हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हैं। ये नौ ग्रहों की ऊर्जा को भी प्रभावित करती हैं। हम अपनी कुछ बुरी आदतों को त्याग दें तो इन ग्रहों की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं। झूठ बोलने से सूर्य और बुध की ऊर्जा नकारात्मक हो जाती है। क्रोध से मंगल और शनि प्रभावित होते हैं। क्रोध के नियंत्रित करने के लिए प्राणायाम करें।
आलस्य से शनि और राहु हो जाते हैं प्रतिकूल
आलस्य और समय को बर्बाद करने के कारण शनि और राहु प्रतिकूल हो जाते हैं ऐसे में अशुभ फल मिलता है। अनावश्यक खर्च और लोभ करने से बृहस्पति और शुक्र प्रभावित होता है। वित्तीय अनुशासन के साथ दान पुण्य भी करते रहे। नकारात्मक सोच और ईर्ष्या से चंद्रमा और केतु की शक्ति क्षीण हो जाती है। ऐसे में विकास अवरुद्ध हो जाता है।
गणपति की पूजा कर राशि अनुसार चढ़ाएं भेंट
मेष- लाल पुष्प अर्पित करें
वृष- चंदन और इत्र
मिथुन - सफेद पकवान
कर्क- सफेद मिष्ठान
सिंह- गुलाब जामुन
कन्या - साबुत मूंग
तुला - लाल फल
वृश्चिक - लाल राजमा या कनेर पुष्प
धनु- चने भुने हुए
मकर - पीले लड्डू
कुंभ - ऊनी वस्त्र
मीन- दूध