मेरठ। श्रमिकों के साथ हादसों के बाद प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। उसने जिला प्रशासन से बिहार के श्रमिकों को भेजने के लिए जिलेवार सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। मेरठ के सिटी स्टेशन से कल अररिया के लिए ट्रेन रवाना होगी। रेलवे की तरफ से प्रशासन को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, 19 को मोतिहारी के लिए ट्रेन रवाना होगी। इन दोनों ट्रेनों में पटना समेत 35 जिलों के श्रमिक रवाना होंगे।
रेलवे ने जिला प्रशासन को तैयारी का नोटिस सौंप दिया है। इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से डिमांड ड्राफ्ट तैयार कर किराया देना होगा। वहीं, यात्रियों को सफर के दौरान दो पैकेट खाना, दो बोतल पानी और सैनिटाइजर किट (मास्क, ग्लव्स और साबुन) देना होगा। वहीं, स्टेशन पर ही श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। अभी रेलवे की तरफ से ट्रेन चलाने का समय तय नहीं हुआ है। अररिया के लिए रविवार को जाने वाली ट्रेन में सात जिलों के कुल 1868 यात्री होंगे। इसमें भागलपुर, कटिहार, लखीसराय, मुंगेर, पूर्णिया और सुपौल जिले के श्रमिक होंगे। इनकी सूची तैयार कर ली गई है। सभी श्रमिकों के मोबाइल पर आज मेसेज भेज दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 19 मई को सिटी स्टेशन से मोतिहारी के लिए ट्रेन रवाना होगी। इसमें बिहार के 28 जिलों के 1778 श्रमिक शामिल होंगे। इसमें पटना, छपरा, मधुबनी, वैशाली आदि प्रमुख जिलों के श्रमिक होंगे।
ये ट्रेनें पड़ जाएंगी कम
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने रेल मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अब भी एक हजार बिहार के श्रमिक घर नहीं जा पाएंगे। वहीं, मेरठ में रह रहे पश्चिम बंगाल के पांच हजार स्वर्णकार में से 2170 ने आवेदन जिला प्रशासन को दिया है। सांसद ने मेरठ से बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल के लिए दो विशेष ट्रेन चलाने की मांग की है।
वर्जन
स्टेशन पर ही यात्रियों के स्वास्थ्य जांच की जाएगी। वहीं, आज से मोबाइल पर मेसेज भेजकर यात्रा की जानकारी दी जाएगी।-सुभाष चंद प्रजापति, एडीएम वित्त