फैक्टरियों में 30 फीसदी रह गए कामगार, फोन कर बुला रहे
मेरठ। फैक्टरियों को संचालन की अनुमति तो मिलने लगी है। लेकिन अब कामगारों की कमी और कच्चे माल की किल्लत उद्यमियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। जो फैक्टरियां चल रही हैं, उन्हें उत्पादन के लिए कच्चा माल नहीं मिल रहा। पुराना कच्चा माल खराब हो चुका है। नए माल की अभी सप्लाई नहीं हो रही है। वहीं, कामगार भी नहीं मिल रहे हैं। अधिकांश कामगार अपने गृह जनपद जा चुके हैं। स्थानीय कामगार ईद के कारण अवकाश पर है। वहीं, अधिकांश कामगार कंटेनमेंट जोन से हैं, जो नियमानुसार नॉन कंटेनमेंट जोन की फैक्टरी में नहीं आ सकते। इस प्रकार उत्पादन बिल्कुल ढीला पड़ा हुआ है। फैक्टरियों के पास कुल 20 फीसदी लेबर बची है, जिससे निर्माण चल रहा है। अगर आगे भी फैक्टरी खुलती भी हैं तो कामगारों और कच्चे माल की कमी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आएगी।