मेरठ शहर में ढांचागत सुविधाओं में बढ़ोत्तरी कररने के लिहाज से बनाए गए 18 हजार करोड़ के इंटीग्रेटेड डवलपमेंट प्लान को अल्प अवधि का किया जाएगा। इसे 2047 के मेरठ की तर्ज पर बनाया गया है, जिसका शासन में प्रजेंटेशन हुआ था। शासन के निर्देश पर कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद ने हाल ही में अफसरों संग बैठक कर इसे शॉर्ट टर्म बनाने के निर्देश दिए। ऐसे में अब तीन चरणों में इन्हें बांटकर काम कराया जाएगा।
मेडा की ओर से अप्रैल माह में हैकेथॉन 2.0 का आयोजन किया गया था, जिसमें 16 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों का प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा गया था। बाद में जनप्रतिनिधियों के कई अन्य प्रस्ताव भी शामिल हुए और ये बढ़कर 18 हजार करोड़ रुपये जा पहुंचा। शासन में इसके प्रजेंटेशन के बाद अब इसे शॉर्ट टर्म बनाया जाएगा।
इस प्रस्ताव में सार्वजनिक स्थल के सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण के अंतर्गत विक्टोरिया पार्क में ग्राउंडी में स्ट्रीट फूड कॉर्नर, नौचंदी मेले में दिल्ली की तर्ज पर हॉट बनाने, सूरजकुंड पार्क, महिला पार्क, लोहिया पार्क आदि का सौंदर्यीकरण करना शामिल है। इनके अलावा केसरगंज बाजार का सौंदर्यीकरण, खैरनगर व खंदक बाजार आदि को शहर से बाहर स्थानांतरित करने, बस शेल्टर निर्माण आदि हैं।
मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि तीन चरणों में प्रस्तावों को बांटा जा रहा है। इनमें एक वर्ष तक की कार्ययोजनाओं को अल्प अवधि, दो से तीन वर्ष के प्रोजेक्ट को मध्य अवधि और इससे लंबी अवधि के प्रोजेक्ट पांच वर्ष से अधिक अवधि में शामिल किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंटीग्रेटेड टाउनशिप को दीर्घकालीन प्रोजेक्ट में रखा गया है। मंगलवार को इस संदर्भ में कमिश्नरी में बैठक संभावित है।