तीन महिलाएं और व्यापारी बेहोश, परिषद पर लगाए आरोप
जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश, बोले लोगों को छला गया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में भारी विरोध के बीच आवास एवं विकास परिषद का ध्वस्तीकरण का अभियान चला। सोमवार सुबह परिषद के चौराहे से गुरुद्वारा रोड पर घरों में बनी अवैध दुकानें ध्वस्त की गईं। सेट बैक के लिए छोड़े गए स्थान में लगी दीवारें, गेट, खिड़की और पिलर गिराए गए। दोपहर में गोल मंदिर के पास सेक्टर-3, 4 के चौराहे पर टीम पहुंची तो धरने पर बैठी महिलाएं ने भारी विरोध किया। परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जेसीबी के आगे महिलाएं खड़ी हो गईं और किसी भी सूरत में सेट बैक के लिए ध्वस्तीकरण न कराने का ऐलान किया। बीनू भार्गव, पूनम समेत तीन महिलाएं एक-एक कर बेहोश गईं, जिन्हें महिलाओं ने संभाला। विवाद बढ़ता देख टीम आगे बढ़ गई। थोड़ी दूर तक कुछ मकानों के छज्जे गिराए गए। गोल मंदिर होते हुए टीम सेंट्रल मार्केट की ओर से चली। यहां दो तीन मकानों के छज्जे पर लगी ग्रिल उखाड़ी गई।
सेंट्रल मार्केट में अधिशासी अभियंता अभिषेक राज के नेतृत्व में भारी फोर्स के साथ एक जेसीबी और एक जेसीबी ड्रिलर मशीन के साथ कार्रवाई शुरू हुई। इस पर व्यापारियों की जमकर नोकझोंक हुई। सेक्टर-6 में रामगोपाल गर्ग के मकान संख्या 145 में बनी शर्मा प्रॉपर्टीज, डॉ. विकास मित्तल का होम्योपैथ क्लीनिक ढहा दिया गया। बराबर में ही सूर्या ज्वेलर्स, गुप्ता जनरल स्टोर तथा जूते की दुकान को ध्वस्त करने पहुंची टीम का व्यापारियों ने भारी विरोध किया। टीम से जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान काफी देर तक रास्ता बाधित रहा।
एक ओर व्यापारी शांत होते तो दूसरी ओर से व्यापारियों का झुंड उग्र होकर नारेबाजी कर देता। पुलिस बल ने विरोध कर रहे व्यापारियों को जैसे-तैसे शांत किया। व्यापारियों का आरोप था कि लगातार किराया देने के बावजूद मकान मालिक दुकान खाली नहीं करने दे रहे। रविवार को सेट बैक के लिए दस फुट दुकान छोड़ने को खुद दुकान तोड़ रहे थे तो पुलिस बुलाकर थाना नौचंदी बिठा दिया गया। आज परिषद में सेटिंग करके दुकानों को ध्वस्त कराया जा रहा है। गुप्ता जनरल स्टोर को दो घंटे का समय देते हुए खाली कराया गया। भारी हंगामे के बीच जेसीबी ने चारों दुकानों को ढहा दिया। इस बीच एक व्यापारी अचेत हो गया, जिसे ई-रिक्शा में नजदीकी नर्सिंग होम ले जाया गया। परिजनों ने सोमवार देर शाम बताया कि व्यापारी हालत अब ठीक है। लोगों ने आवास विकास के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, आरटीओ रोड, गुरुद्वारा रोड और सेंट्रल मार्केट में दुकानदार और मकान मालिक खुद ही सेट बैक के लिए अपने भवन तोड़ रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से लगातार बात की। सभी ने जेसीबी या बुलडोजर क्षेत्र में न चलने का आश्वासन दिया था मगर पिछले तीन दिन से लगातार ध्वस्तीकरण हो रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर छल करने के आरोप लगाए। बोलीं कि शहर का सबसे आकर्षक और पॉश इलाका शास्त्रीनगर अब धीरे-धीरे मलबे में बदलता जा रहा है कोई सुनने वाला नहीं है।
सेट बैक छोड़ने के बाद भी ढहाई दीवारें
कई मकान मालिक और दुकानदारों ने परिषद की टीम पर मनमानी से कार्रवाई के आरोप लगाए। इनका कहना था कि सेट बैक छोड़ने के बावजूद बाहर की दीवारें और दरवाजे ध्वस्त किए जा रहे हैं। वहीं व्यापारियों ने आरोप लगाया कि दस फुट सेट बैक छोड़ दिया। अब पंद्रह फुट की बात कहकर ध्वस्तीकरण कर दिया गया।
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