-- रोहिणी कोर्ट शूटआउट मामला --
शूटर राहुल का अंतिम संस्कार, गांव में बाहरी युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। दिल्ली स्थित रोहिणी कोर्ट में पुलिस की गोली से मारे गए शूटर राहुल उर्फ नितिन का शव दिल्ली पुलिस की सुरक्षा में सोमवार देर रात को गांव फफूड़ा में पहुंचा था। मंगलवार सुबह परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों में चर्चा है कि गांव में बाहरी युवक घूम रहे थे। मंगलवार को अंतिम संस्कार के बाद खरखौदा पुलिस पहुंची थी।
चार दिन पहले रोहिणी कोर्ट में पुलिस कस्टडी में गैंगस्टर गोगी को टिल्लू गैंग के दो शूटरों ने गोलियों से भून दिया था। इसके बाद सुरक्षा में लगे पुलिस ने दोनों शूटरों को ढेर कर दिया था। इसमें एक शव की शनाख्त खरखौदा क्षेत्र के गांव फफूंडा निवासी राहुल उर्फ नितिन उर्फ केके के रूप में हुई थी। राहुल पिछले कई वर्षों से गांव छोड़कर टिल्लू गैंग में शामिल हो गया था।
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव फफूंडा गांव में पहुंचा था। गोगी व टिल्लू गैंग के बीच गैंगवार की संभावना को लेकर दिल्ली पुलिस ने राहुल का शव तीन दिन तक नहीं दिया था। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस ने राहुल के पिता और भाई दोनों को बुलाया था। राहुल के पिता और भाई को दिल्ली में घुसने से पहले ही पुलिस ने अपनी सुरक्षा में ले लिया। पंचनामा की कार्रवाई कराकर सोमवार को ही पोस्टमार्टम कराया। दिल्ली पुलिस ने रात करीब 10:00 बजे राहुल का शव परिजनों को सौंपा तथा पुलिस ने अपनी सुरक्षा में ही राहुल के शव को गांव फफूंड़ा लेकर आई। शव के अंतिम संस्कार के समय लोगों में चर्चा थी कि सोमवार की रात में जब खरखौदा पुलिस वहां से चली गई। उसके बाद एक गाड़ी में कुछ युवक पूरी रात गाड़ियों में इधर-उधर घूमते रहे। गैंगवार के डर से राहुल के अंतिम संस्कार में ज्यादा लोग शामिल नहीं हुए।