चार बार मेले का आयोजन
24 मार्च 1985 को महाराज खीमगिर महाराज ने क्षेत्र की जनता को एकत्र कर मंदिर की देखभाल के लिए समिति का गठन किया। समिति ने मंदिर के निर्माण को आगे बढ़ाया। मंदिर समिति की तरफ से साल में चार बार शिवरात्रि और नवरात्रि पर मेले का आयोजन किया जाता है। सोमवार को यहां पर भक्तों की भीड़ रहती है।
प्राचीन नीम, बरगद और कुआं भी
शिव मंदिर में प्राचीन यादगार के रूप में जटल गुरु द्वारा बनाई गई एक तिदरी, टूटे हुए थमले, एक बरगद का वृक्ष, एक नीम का वृक्ष और प्राचीन कुंआ मौजूद है।
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