फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा नहीं सुविधा जरूरी

Wed, 31 Aug 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक अपनी सुविधा के आगे बच्चों की शिक्षा की कोई परवाह नहीं करते। सेटिंग कर शिक्षकों ने ऐसे स्कूलों में तैनाती ले ली है, जहां उनकी ज्यादा आवश्यकता नहीं है। ऐसे में कहीं गणित, विज्ञान के दो-दो शिक्षक हैं तो कहीं एक भी नहीं।
विज्ञापन


यह है नियम
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जनपद में लगातार राजकीय हाईस्कूल खुल रहे हैं। इस समय जनपद में 28 विद्यालय हैं। इनमें नियमानुसार छात्र संख्या के आधार पर शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते छात्र संख्या अनुपात के बजाए विषय विशेषज्ञ पर ध्यान देना जरूरी है। जैसे गणित-विज्ञान और अंग्रेजी विषय के शिक्षक अनिवार्य रूप से प्रत्येक स्कूल में नियुक्त हों।

ये हो रही गड़बड़ी
राजकीय हाईस्कूल अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में खुले हैं। राजकीय हाईस्कूल महादेव जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर है, यहां आने जाने के संसाधन भी कम हैं। विद्यालय में 82 बच्चे पंजीकृत है। यहां गणित-विज्ञान के दो और अंग्रेजी विषय के एक शिक्षक की तैनात की गई थी। लेकिन आने जाने की मुसीबत को देखते हुए गणित विज्ञान की दोनों शिक्षिकाएं मेरठ-सरधना मार्ग पर स्थित ग्राम मढियाई के राजकीय हाईस्कूल में संबद्ध हो गईं। जबकि मढियाई के विद्यालय में मात्र 9 बच्चे हैं। यहां नौ बच्चों पर इस समय तीन टीचर तैनात हैं, जबकि महादेव के स्कूल में जहां 82 बच्चे हैं, वहां पर मात्र दो ही टीचर नियुक्त हैैं। इसमें भी गणित विज्ञान विषय की एक भी टीचर नहीं है।
विज्ञापन

इसके अलावा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज परीक्षितगढ़ में गणित विज्ञान विषय के लिए दो पद सृजित हैं, लेकिन यहां पर इस विषय की पांच टीचर नियुक्त हैं। मामेपुर शहर के पास पड़ता है, यहां के राजकीय हाईस्कूल में मात्र 25 बच्चे हैं। जिसमें अंग्रेजी विषय की दो और गणित विज्ञान की एक शिक्षिका सहित कुल सात शिक्षक तैनात हैं। जबकि परीक्षितगढ़ ब्लॉक के ग्राम अगवानपुर में खुले राजकीय हाईस्कूल में मात्र एक ही शिक्षिका कला वर्ग की तैनात है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें