तो ऐतराज नहीं होना चाहिए
मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि अगर अयोध्या में राम मंदिर साबित होता है, तो वहां मस्जिद नहीं बनाई जा सकती। अगर वहां मंदिर साबित है तो हाईकोर्ट ने विवादित जगह के तीन हिस्से क्यों किए। तथ्यों के आधार पर ही सुप्रीमकोर्ट फैसला करेगी। सुप्रीमकोर्ट राम मंदिर निर्माण का फैसला देती है, तो इसमें मुस्लिमों को ऐतराज नहीं होना चाहिए। अगर राम मंदिर निर्माण करना है तो केंद्र सरकार अध्यादेश लेकर आए। उन्होंने मेरठ की धरती से लोगों को संदेश देते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बने या मस्जिद, देश में हिंदू मुस्लिम एकता कायम रहनी चाहिए।
जनता अब मंदिर व मस्जिद में नहीं उलझेगी
राम मंदिर निर्माण को लेकर धर्मसभा पर कल्बे जव्वाद ने कहा कि जनता अब मंदिर व मस्जिद के मुद्दों पर उलझने वाली नहीं है। देश में लाखों मंदिर व लाखों मस्जिदें हैं। हर गली में दस से ज्यादा मंदिर व मस्जिद हैं। लोगों को रोजगार और बच्चों को पेट भर खाना चाहिए। मोदी सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ की बात करती है, तो लोगों को रोजगार देने का काम करे।
कहीं न कहीं जुड़े हैं तार
शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने बुलंदशहर में इंस्पेक्टर की हत्या में इकलाख के हत्यारोपियों का हाथ होने का आरोप लगाया। यह भी दावा किया कि कहीं न कहीं इंस्पेक्टर की हत्या के तार इकलाख वाले मामले से जुड़े हैं। माहौल खराब करने की पूरी साजिश हो रही हैं।
वसीम रिजवी शिया धर्म से बाहर
मौलाना कल्बे जव्वाद ने शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि वसीम रिजवी ने धार्मिक गुरुओं पर भी कीचड़ उछालना शुरू कर दिया था। जिसको लेकर शिया मौलानाओं ने रिजवी को धर्म से बाहर कर दिया। जो अपने धर्म के खिलाफ ही आवाज उठाए, उसे धर्म से बाहर करना ही सही है। उन्होंने रिजवी पर शिया वक्फ की जमीनों में घोटाले करने का आरोप लगाया।
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