दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का बागपत जनपद से भी खासा लगाव रहा है। यहां का रटौल आम उन्हें इतना पसंद था कि वह रटौल में आम की दावत में शामिल होने कई बार पहुंची।
पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. मेहराजुद्दीन ने बताया कि शीला दीक्षित जब प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री के पद पर थी तब रटौल गांव में 13 जून 1988 को टेलीफोन एक्सचेंज का उद्घाटन करने आई थीं। इससे पहले वह 1982 में आम की दावत में भी आ चुकी थीं।
इसके अलावा वह वर्ष 2016 में 15 सितंबर को कांग्रेस की 27 साल यूपी बेहाल यात्रा लेकर जिले में पहुंची थीं। विभिन्न स्थानों पर उन्होंने बैठके और अन्य कार्यक्रमों को संबोधित किया था। संगठन को मजबूत करने पर बल दिया था।
जिले में शीला दीक्षित के आने से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई थी। उनके निधन से कार्यकर्ताओं और ब्राह्मण समाज के लोगों ने दुख प्रकट किया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने भी शोक प्रकट किया है।
रटौल गांव के कांग्रेस नेता
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मंडलीय अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा, मंत्री डॉ. योगेश कौशिक, जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेशचंद्र कौशिक जिला मंत्री नरेश चंद्र शर्मा, प्रांतीय संरक्षक राजपाल दीक्षित, ब्रजमोहन गौतम, ध्रुव ठेकेदार, अतर सिंह, सुखवीर शर्मा शोक संवेदना प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी। उधर, कांग्रेस कार्यकर्ता अनिलदेव त्यागी और लता चौधरी ने भी शोक प्रकट किया।
उधर चांदीनगर क्षेत्र के रटौल गांव के कांग्रेस नेता हसमत चौधरी के आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन पर शोक सभा की गई। सभा में सभी ने दो मिनट का मोनधारण किया। आत्मा शांति की प्रार्थना की गई। कांग्रेस के खेकड़ा के मंडल अध्यक्ष हसमत चौधरी, श्याम सिंह, चौधरी याकूब, चौधरी मुज्जमिल, चौधरी एजाजुल, चौधरी मुबस्सिर मौजूद रहे।