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शहर में होगा विकास, सबको मिलेगा आवास

Sat, 25 Jun 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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स्मार्ट सिटी - फोटो : अमर उजाला
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घरौंदे और बेहतर मार्ग से मेरठ को विकास की राह पर ले जाने की मशक्कत शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सबको छत देने के सपने को पूरा करने के लिए जहां शुक्रवार को शासन स्तर पर सहमति बनी तो वहीं अवस्थापना निधि से सत्तर करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया। इस बार अवस्थापना निधि से कई अहम मार्गों पर काम होगा।
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अवस्थापना से खुलेगी विकास की राह
विभिन्न सड़कों का मार्ग, लाइटें, सौंदर्यीकरण जैसे अहम प्रस्ताव इस बार अवस्थापना से कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट में सबसे अहम प्रस्ताव है तेजगढ़ी चौराहे पर सात सौ मीटर लंबे अंडर पास का निर्माण होना। यह शहर का पहला अंडरपास होगा। इसके लिए अवस्थापना निधि से बीस करोड़ रुपये खर्च करने की बात रखी गई है। स्टेडियम में भी कई अहम कामों को शामिल किया गया है। 75 लाख रुपये से सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण होगा।
यहां मिनी स्वीमिंग पूल 25 लाख की लागत से बनेगा। बचत भवन के सौंदर्यीकरण पर 55 लाख रुपये खर्च होंगे। दस करोड़ के काम तो ऐसे हैं जो प्रत्याशा में पहले ही शुरू कराए जा चुके हैं। उन्हें भी स्वीकृत कराना होगा। इसकेअलावा नाला निर्माण आदि के भी प्रस्ताव हैं।
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70 प्रतिशत आवास दुर्बल आय वर्ग के लोग के लिए
एमडीए ने शहर में सर्वे कराया था। इसमें सामने आया कि सत्तर प्रतिशत आवास दुर्बल आय वर्ग के लोगों की जरूरत है। तीस प्रतिशत आवास एलआईजी बनने चाहिए। इसी थीम पर प्रधानमंत्री आवास योजना पर काम होगा। इस संबंध में शुक्रवार को लखनऊ में सचिव आवास पंधारी यादव ने बैठक ली और सभी प्राधिकरणों से उनकी तैयारियों के बारे में पूछा। एमडीए से बैठक में गए अधीक्षण अभियंता शबीह हैदर ने मेरठ का प्रस्ताव पेश किया और कहा कि इस सर्वे केआधार पर काम हो रहा है।

यह है प्रधानमंत्री आवास योजना का स्वरूप
चीफ इंजीनियर एमडीए एससी मिश्रा के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022 तक देश में दो करोड़ आवास बनाए जाएंगे। यहां तीस तथा साठ वर्ग मीटर के एलआईजी आवास बनेंगे। तीन लाख रुपये सालाना कमाने वालों को ये आवास आवंटित किए जाएंगे। हालांकि पहले यह सीमा एक लाख रुपये रखी गई थी। तीस मीटर के आवास पर अधिकतम आय तीन लाख तथा 60 वर्ग मीटर के आवास पर अधिकतम आय छह लाख रुपये सालाना होनी चाहिए।

सभी को मिलेगी सब्सिडी
आवंटियों को कुल रकम में से साढ़े छह प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। इस रकम को काटकर बाकी जो भी आवास केदाम होंगे उन्हें 15 साल की आसान किश्तों में चुकाना होगा।
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अपने फ्लैट योजना में शामिल करने की कोशिश
दरअसल एमडीए ने गंगानगर तथा अन्य योजनाओं में पहले ही इस श्रेणी के फ्लैट बना रखे हैं। कवायद है कि उन्हें भी इस प्लान में शामिल कर लिया जाए।

 
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