शहीद मंगल पांडे महिला डिग्री कॉलेज माधवपुरम में छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की सरकार बनी। सभी पांचों पदों पर एबीवीपी कब्जा जमाया। 218 वोट लेकर ज्योति गुप्ता अध्यक्ष और 233 वोट लेकर सिमरन कर्दन महामंत्री बनीं। वोटिंग में धांधली का आरोप लगाते हुए समाजवादी छात्रसभा की छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने फिर से मतगणना करने की मांग की।
पांच पदों पर 10 प्रत्याशियों में मुकाबला था। सुबह 9.30 बजे दोपहर 2 बजे तक मतदान हुआ। कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् और समाजवादी छात्रसभा ने पैनल उतारा था। 1556 मतदाताओं में से 358 ने वोट डाला। एबीवीपी की जीत होते ही सछास समर्थकों व छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया। रीकाउंटिंग की मांग उठने लगी। छात्राएं छात्राएं प्राचार्य के पास पहुंची, लेकिन कॉलेज ने उनकी मांग मानने से इंकार कर दिया। कई छात्राओं ने खूब हंगामा करते हुए गलत तरीके से मतदान का आरोप भी लगाया। प्राचार्य डॉ. दिव्यानाथ ने कहा पूरे चुनाव की वीडियो रिकार्डिंग हुई है। चुनाव नियमानुसार हुआ है। दोनों दलों के एजेंट मतगणना में मौजूद थे, उनके सामने प्रक्रिया संपन्न हुई है।
सूने रहे बूथ
कॉलेज में रविवार को मतदान रखा गया। अवकाश होने के कारण कम छात्राएं ही मतदान करने पहुंचीं। सुबह से बूथ खाली पड़े रहे। कॉलेज में अधिकांश छात्राएं ग्रामीण इलाके से आती हैं। ग्रामीण व दूरदराज की छात्राओं का अवकाश के दिन कॉल्ेाज आना मुश्किल होता है। इसलिए बूथ खाली रहे।
खुशी में भावुक हुईं अध्यक्ष
चुनाव परिणामों की घोषणा के वक्त जैसे ही माइक से ज्योति गुप्ता की अध्यक्ष पद पर विजय की घोषणा हुई, तो वह भावुक होकर रोने लगीं। सहेलियों ने उन्हें शांत कराया, इसके बाद शपथ ग्रहण हुई।
बाहर नारेबाजी, हंगामा, अंदर शांति
कॉलेज के अंदर-बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। बाहर समर्थक चुनावी नारे लगाते रहे। कॉलेज के अंदर शांतिपूर्वक मतदान हुआ। नतीजे घोषित होने के बाद विजेता दल के समर्थकों ने कॉलेज गेट के बाहर नारेबाजी कर जीत का जश्न मनाया। ढोल बजवाकर फूल मालाओं से विजेताओं का स्वागत हुआ। सपा छात्रसभा के समर्थक नेता व छात्राएं हंगामा करने लगे।
ये रहा चुनाव परिणाम
अध्यक्ष : ज्योति गुप्ता एबीवीपी 218 वोट, फरीन समाजवादी छात्रसभा 129 वोट
उपाध्यक्ष : निकिता शर्मा एबीवीपी 227 वोट, मोनिका पारुथी समाजवादी छात्रसभा 124 वोट
सचिव: सिमरन कर्दम एबीवीपी 233, नेहा सिंह समाजवादी छात्रसभा 113 वोट
संयुक्त सचिव : कोमल एबीवीपी 223, मनीषा समाजवादी छात्रसभा 126 वोट
कोषाध्यक्ष: ज्योति पाल एबीवीपी 218, शिवानी शर्मा समाजवादी छात्रसभा 134 वोट
दीदी के राह पर चली ज्योति
अध्यक्ष बनी ज्योति गुप्ता की बड़ी बहन संध्या गुप्ता क ी राह पर हैं। उनकी बहन संध्या दो साल पहले कॉलेज में एबीवीपी से महामंत्री चुनी गई थीं। बहन के प्रेरित करने पर ही ज्योति छात्रा ने चुनाव लड़ा। माधवपुरम निवासी ज्योति के पिता संजय ड्रायक्लीनर हैं। मम्मी गीता गृहणी हैं। बीए थर्ड की छात्रा भविष्य में राजनीति में जाना चाहती हैं। बकौल ज्योति कॉलेज में वॉशरूम की उचित व्यवस्था कराना ही प्राथमिकता है।
छात्राओं की दिक्कतें दूर करूंगी
उपाध्यक्ष बनी मोनिका पारुथी कहती हैं कॉलेज में अनुशासन में रहते हुए छात्राओं की सभी परेशानियों को दूर करना मेरी प्राथमिकता है। मुल्तान नगर निवासी मोनिका के पिता संजीव शर्मा बिजनेस करते हैं। मम्मी सविता शर्मा गृहणी हैं। एमएससी फाइनल की छात्रा मोनिका सिविल सर्विसेज में जाना चाहती हैं।
प्रयोगशालाओं को दुरुस्त कराना है
महामंत्री बनी सिमरन कर्दम के पिता सुरेंद्र कुमार वकील हैं। बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा कहती हैं कभी सोचा नहीं था कि कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव लड़कर जीतूंगी। सहेलियों के कहने पर चुनाव लड़ा। मम्मी पापा के सहयोग से पूरा चुनाव जीती हूं। छात्राओं ने मुझ पर जो भरोसा किया है उसे कभी तोड़ूंगी नहीं। शिक्षिका बनना चाहती हूं, लेकिन जब तक कॉलेज में रहूंगी।
कॉलेज में कराना है सफाई कार्य
संयुक्त सचिव बनी कोमल रानी एमकॉम तृतीय सेमेस्टर की छात्रा है। रिठानी निवासी कोमल के पिता मदन का अपना काम है। कोमल कहती हैं भविष्य में राजनीति में जाना नहीं चाहती, सीए बनकर अपना कॅरियर संवारूंगी। मम्मी-पापा और सहेलियों के सहयोग से चुनाव जीता है। कॉलेज में गंदगी बहुत ज्यादा रहती है, कॉलेज के बाहर भी बहुत गंदगी होती है, सफाई कार्य मेरी पहली प्राथमिकता है।
कैं टीन की व्यवस्था कराना
कोषाध्यक्ष विजेता ज्योति पाल चुनाव जीतने के बाद कॉलेज में कैंटीन की व्यवस्था कराना चाहती हैं। उनके पिता रजनीश मजदूर हैं। मम्मी बबीता गृहणी हैं। बीकॉम फाइनल की छात्रा ज्योति बैंक में नौकरी करना चाहती हैं, इसके लिए तैयारी भी कर रही हैं। बकौल ज्योति छात्राओं ने मुझ पर जो भरोसा दिखाकर मुझे चुनाव जिताया है अब उस वादे को मैं पूरा करूंगी।