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आठ दिन में शरद बना वेस्ट का बड़ा अपराधी

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मेरठ। 28 पुलिस वालों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर करने वाला शरद आठ दिनों में वेस्ट यूपी का बड़ा अपराधी बन गया है।
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20 सितंबर को माधवपुरम निवासी शरद गोस्वामी ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाकर 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया था। इन आठ दिनों में पुलिस ने शरद पर धमकी देने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया। ब्रह्मपुरी थाने में हिस्ट्रीशीट खोलने के साथ 20 हजार का इनाम घोषित होना बताया है। पुलिस ने शरद के बैंक खाते भी सीज कर दिए। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पुलिस ने यह नहीं बताया कि शरद ने आठ दिन में ऐसा कौन सा अपराध किया है, जोकि वह वेस्ट का बड़ा अपराधी बन गया। वहीं, पुलिस दावा करती कि शरद के विदेशों के बैंकों में खाते चल रहे हैं।
ठक-ठक गिरोह का सरगना
पुलिस के मुताबिक ठक-ठक गिरोह शरद गोस्वामी ने मेरठ से शुरू किया था। प्रदेश में मोबाइल चोर गैंग बहुत हैं। लेकिन उनके आईएमईआई बदलने का खेल शरद ही जानता था। इस काम के लिये शरद ने कई इंजीनियरों को नौकरी पर लगाया हुआ है। प्रदेश में महंगे मोबाइल को खपाने का ठेका उसके पास है। इसको अलावा कई शातिर बदमाशों से उसके संबंध होने बताए हैं।
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सिपाही का ऑडियो वायरल
ब्रह्मपुरी थाने में तैनात एक सिपाही का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह शरद की बात एक युवक से कर रहा है। जिसमें सिपाही ने कहा कि शरद ने पुलिस वालों के खिलाफ वाद दायर करके ठीक नहीं किया। उसका काउंटडाउन शुरू हो गया है। वह पुलिस से नहीं बच पाएगा। ऑडियो से ऐसा लगता है कि वाद दायर के बाद ही पुलिस ने शरद की घेराबंदी शुरू की।
पुलिस वालों से दोस्ती बताई
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि ब्रह्मपुरी थाने के कई सिपाहियों की शरद से गहरी दोस्ती है। उक्त पुलिसकर्मी भी चिह्नित हुए है। जिन पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। शरद पर 11 मुकदमे हैं। हिस्ट्रीशीट खोलकर 20 हजार का इनाम किया गया। वह वेस्ट का बड़ा अपराधी है, जिसकी तलाश में पुलिस लगी है।
पुलिस रिपोर्ट मिली, सुनवाई तीन को
मेरठ। थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में विगत चार सितंबर को हुई मुठभेड़ के मामले में 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के प्रार्थनापत्र पर थाना ब्रह्मपुरी से शनिवार को पुलिस रिपोर्ट दाखिल हो गई। जिस पर सीजेएम अपूर्व सिंह ने सुनवाई के लिए तीन अक्तूबर नियत की है।
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इस मुठभेड़ में तीन लोगों को गोली लगी थी। ब्रह्मपुरी निवासी शरद ने मुठभेड़ को फर्जी बताकर इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी, इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह समेत 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी।
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