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शनि जयंती, वट सावित्री व्रत आज

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मेरठ। न्याय के देवता शनि देव की जयंती और वट सावित्री व्रत शुक्रवार को एक साथ मनाया जाएगा। वहीं, शनि मंदिरों में महाआरती का आयोजन होगा। वहीं, महिलाएं वट सावित्री व्रत रखकर सुहाग की लंबी आयु की कामना करेंगी। आज के ही दिन लोग अपने पितरों की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण जैसे कार्य करेंगे। हालांकि पुरोहित और पुजारियों की अनुपस्थित और लॉकडाउन के चलते घरों में ही पूजन, व्रत आदि कार्य संपन्न होंगे। मंदिरों में सिर्फ पुजारी ही महाआरती पर कोरोना महामारी के निवारण की कामना करेंगे।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या के दिन गंगा स्नान का बड़ा महत्व है। हालांकि इस बार लॉकडाउन के चलते गंगा स्नान संभव नहीं होगा। धर्म प्रेमी घर में पवित्र तीर्थों का ध्यान करते हुए जल में गंगाजल डालकर स्नान करें। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिक साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स के अनुसार आज के दिन दान अवश्य करना चाहिए। कोरोना महामारी के चलते लाखों लोग भूख से व्याकुल हैं। ऐसे लोगों के लिए सामर्थ्य अनुसार भोजन का प्रबंध करना शुभ फलदायक सिद्ध होगा। घर में श्रद्धालु अन्न, जल, फल, कच्चा दूध लेकर संकल्प करें और उसे गरीबों को दान करें। सूर्य पुत्र शनिदेव हिंदू ज्योतिष में नवग्रहों में से एक हैं। आज के दिन दशरथ कृत शनि स्रोत का 11 बार पाठ करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है।
आज ही रखा जाएगा वट सावित्री व्रत
अमावस्या के दिन किए जाने वाले अन्य पुण्य कार्यों के साथ महिलाएं वट सावित्री का व्रत रखेंगी। वट सावित्री व्रत देवी सावित्री द्वारा अपने पति सत्यवान के प्राणों की यमराज से रक्षा करने के लिए किया गया था। तभी से विवाहिता अपने पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए यह व्रत करती हैं।
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वट वृक्ष की टहनी के लिए लोग परेशान
लॉकडाउन के चलते ज्यादातर लोग वट वृक्ष की टहनी प्राप्त करने के लिए परेशान हैं। कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों से बात कर व्यवस्था की है। पांच या सात पत्ते वाली टहनी की व्रत में पूजा की जाती है। उधर, शनि पीठाधीश्वर महंत श्री महेंद्र दास जी महाराज ने बताया कि आज के दिन शनि देव के साथ हनुमान जी की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होंगे।
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