कोर्ट आज सुनाएगी सजा, 9 दोषी जेल में काट रहे उम्रकैद
शीबा को हाईकोर्ट से मिल गई थी जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कोतवाली के गुदड़ी बाजार में तिहरे हत्याकांड में कोर्ट ने 11वें आरोपी शम्मी को भी शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट शनिवार को दोषी को सजा सुनाएगी। इजलाल कुरैशी समेत 10 दोषियों को कोर्ट पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। इस प्रकरण में पिछले माह हाईकोर्ट से शीबा सिरोही को जमानत मिल गई थी।
23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान मेरठ निवासी सुनील ढाका (27) निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि (22) निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्ज्वल (23) निवासी गांव सिरसली, बागपत के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की हत्या कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। 1 अगस्त 2024 को कोर्ट ने 10 आरोपियों इजलाल कुरैशी, अफजाल, महराज, कल्लू उर्फ कलुआ, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा, वसीम, रिजवान, बदरुद्दीन पर हत्या आदि धाराओं और शीबा सिरोही पर हत्या के लिए उकसाने के आरोपों को सही मानते हुए दोषी करार दिया था। पांच अगस्त को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हत्याकांड के दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो गई थी।
शम्मी का केस था कोर्ट में विचाराधीन
ड्राइवर शम्मी को पुलिस ने बाकी आरोपियों की गिरफ्तार के बाद गिरफ्तार किया था। इस वजह से उसका आरोप पत्र बाद में दाखिल किया था। शम्मी के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। एक अन्य आरोपी को नाबालिग बताए जाने के चलते हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है।
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ऐसे दिया वारदात को अंजाम
22 मई 2008 की रात सुनील ढाका, सुधीर और पुनीत गिरि विक्टोरिया पार्क में स्वीमिंग पूल में दोस्तों के साथ नहा रहे थे। इजलाल ने तीनों को बात करने के बहाने गुदड़ी बाजार बुलाया। तीनों एस्टीम कार से गुदड़ी पहुंचे। यहां पर विवाद हुआ। इसके बाद इजलाल ने सबसे पहले सुधीर उज्जवल को तीन गोलियां मारकर चबूतरे के भीतर जीने के नीचे फेंक दिया। धारदार हथियार से भी कई जगह वार किए। इजलाल ने अपने भाइयों और साथियों से सुनील और पुनीत को पकड़ने के लिए कहा। दोनों को पाइपों से पीटा। मुर्गा बनाया। छुरों से गले काटे गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुधीर उज्ज्वल के शरीर पर गोलियों के तीन निशान मिले थे। एक गोली माथे पर, दूसरी गोली कंधे पर और तीसरी गोली घुटने में लगी थी। माथे और सिर की हड्डी टूटी हुई थी। बाएं कंधे और जबड़े पर भी चोट के निशान थे। पुनीत गिरी के गले में 17 सेमी लंबा और साढे़ तीन सेमी गहरा गले की हड्डी तक कटा हुआ घाव था। जिससे नसें और सांस गले की हड्डी तक काटा गया था। चेहरे पर 6.30 सेमी लंबा हड्डी तक कटा हुआ घाव था। बाएं तरफ गर्दन पर पीछे चार सेमी लंबा घाव और सीने पर 2 सेमी लंबा कटा हुआ घाव था। पुनीत की सांस की नाली कटी हुई थी। सिर की हड्डी और आंख के ऊपर की हड्डी तक गहरे घाव थे। मस्तिष्क और झिल्लियां भी फट चुकी थीं। सुनील ढाका की गर्दन पर काटने के कई निशान थे। सांस की नली और रक्त वाहिनियां काटी गईं थीं। सीने, सिर, माथे पर आंखों के ऊपर की हड्डियों के कई टुकड़े टूटे हुए थे।