उधर, राइफल लूट प्रकरण में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए तीनों खालिस्तान समर्थकों को कोर्ट ने 10 दिन के लिए पुलिस को अभिरक्षा में दे दिया है। पुलिस ने इनसे पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड पर देने का आग्रह किया था, जो शुक्रवार सुबह आठ बजे से शुरू होगा।
यूपी के शामली जनपद में दो अक्टूबर को चौसाना-बिडौली मार्ग पर पुलिसकर्मियों पर हमला कर से दो राइफल लूटने के मामले में 14 अक्टूबर को अमरीत उर्फ अमृत निवासी करनाल, गुरुजेन्ट सिंह निवासी गंगोह (सहारनपुर) और गुरुद्वारे के ग्रंथी करम सिंह निवासी डेरा रंगाना फार्म को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। इनसे लूटी गई थ्री नॉट थ्री और इंसास राइफलें बरामद हो गई थीं। गिरोह का सरगना जर्मन सिंह और करमा फरार हो गए थे। एडीजी प्रशांत कुमार ने दावा किया था कि यह गिरोह खालिस्तान समर्थक है और प्रतिबंधित बब्बर खालसा ग्रुप के संपर्क में है। लूटी गई राइफलों से इनके द्वारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रैलियों में फायरगिं कर अराजकता फैलाने की योजना थी। तभी से इलाके में एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) और आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) की टीमें इनकी जड़ें तलाशने में जुटी हैं।
सीओ कैराना राजेश कुमार तिवारी और झिंझाना थाना प्रभारी ओपी चौधरी और ने बताया कि जेल भेजे गए तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ के लिए कोर्ट से पुलिस रिमांड मांगा गया था। कोर्ट ने 10 दिन के लिए इन्हें 28 अक्टूबर तक पुलिस अभिरक्षा में देने के आदेश दिए हैं।
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