फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं शाहिद अखलाक

Thu, 14 Mar 2019 02:39 AM IST
Gaurav sharma न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला

सार

- कांग्रेस के वेस्ट यूपी प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया से की मुलाकात
- भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर से भी अस्पताल में मिलने पहुंचे शाहिद
विज्ञापन
मेरठ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं। इस बाबत उनके मंगलवार रात कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मिलने की बात सामने आ रही है। शाहिद बुधवार रात भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर से भी आनंद अस्पताल में जाकर मिले।
विज्ञापन

चुनावी रण में सियासी सूरमा इस समय समीकरण बनाने-बिगाड़ने मेें जुटे हैं। बसपा से पूर्व सांसद रहे हाजी शाहिद अखलाक कांग्रेस के खेमे में शामिल हो सकते हैं। दरअसल हाजी याकूब कुरैशी को बसपा से लोकसभा प्रभारी बनाए जाने के बाद उन्होंने मोर्चा खोल दिया था। चूंकि यहां गठबंधन से यह सीट बसपा के खाते में गई है तो बसपा ने यहां से याकूब कुरैशी को लोकसभा प्रभारी बनाया है। उनका टिकट फाइनल माना जा रहा है। इस पर शाहिद अखलाक विरोध में उतर गए हैं।
मंगलवार रात शाहिद अखलाक ने कांग्रेस के वेस्ट यूपी प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंंधिया से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। वहीं, बुधवार रात शाहिद आनंद अस्पताल पहुंचे और यहां भर्ती भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर से भी मिले। इस मुलाकात के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। क्योंकि बुधवार शाम ही प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंंधिया भी चंद्रशेखर से मिलने आनंद अस्पताल पहुंचे थे। उधर, आनंद अस्पताल के मैनेजर मुनीश पंडित ने बताया कि चंद्रशेखर के इलाज का खर्च उठाने के लिए पूर्व सांसद शाहिद अखलाक ने प्रबंधन से बात की है। कहा कि जो भी खर्च होगा वह उठाएंगे।
विज्ञापन

हां हुई है मुलाकात
इस मामले में शाहिद अखलाक कहते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और मैं पांच साल साथ-साथ सदन में रहे हैं। वह मेरे मित्र हैं और इसी नाते मैंने बीती रात उनसे मुलाकात की थी। जाहिर सी बात है कि इस मुलाकात में वेस्ट यूपी के समीकरण को लेकर भी चर्चा हुई। बाकी स्थिति तो बहुत जल्द सामने आ ही जाएगी। उधर, चंद्रशेखर से भी मैंने शिष्टाचार मुलाकात की है। वह संघर्षशील व्यक्ति हैं और समाज के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें