शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए सड़काें पर उतारी गई एंजिल टीम का एक महीने का काम बेहतर रहा। हालांकि नो एंट्री में वाहनों के चालान करने में कुछ एंजिल थोड़ा सुस्त रहीं।
10 फरवरी को डीजीपी ओपी सिंह ने मेरठ में ट्रैफिक की एंजिल का शुभारंभ किया था। इसके लिए ट्रैफिक में पहली बार 34 महिला कांस्टेबलों को तैनात किया गया। इसके बाद 10 एंजिल टीमें सड़कों पर उतारी गईं। प्रत्येेक टीम में दो महिला पुलिसकर्मी को शामिल किया गया। स्कूटी और वायरलेस सैट से लैस इन टीमों को कई टास्क दिए गए। आठ मार्च को इन टीमों को काम करते हुए एक महीना पूरा हो गया। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी के अनुसार इन टीमों में शामिल अधिकांश महिला पुलिसकर्मी पहली बार फील्ड में उतरी हैं। अधिकांश पूरी मेहनत से काम कर रही हैं। कुछ थोड़ी सुस्त हैं, जिन्हें बेहतर काम करने को कहा गया है। एंजिल के द्वारा एक महीने में करीब पांच हजार लोगों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया गया है। काफी संख्या में फोटो चालान भी किए गए हैं।
एंजिल टीम के मुख्य टास्क
महिलाओं-छात्राओं को हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित करना।
नाबालिग छात्र-छात्राओं को दोपहिया वाहन चलाने से रोकना।
महिला, युवतियों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना।
नो पार्किंग जोन में खडे़ वाहनों का चस्पा चालान करना।
ट्रैफिक नियम तोड़ने पर फोटो चालान।
कम हुई नो पार्किंग जोन में पार्किंग
एंजिल सिपाही अंशुल कहती हैं कि सदर बाजार क्षेत्र में लोगों को नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने की आदत है, जिस कारण अक्सर जाम रहता था। जबसे उन्होंने वाहनों पर चालान चस्पा करना शुरू किया लोगों में कुछ सुधार नजर आया है।
स्कूटी छोड़ ऑटो से आने लगीं छात्राएं
एंजिल सिपाही रानी कहती हैं कि एक कॉलेज की कुछ नाबालिग छात्राएं लगातार स्कूटी से आ रही थीं। उन्होंने भी कई बार उन्हें टोका। उनके परिजनों से फोन पर बात की। अब इन छात्राओं को या तो उनके अभिभावक छोड़कर जाते हैं या ऑटो से आती हैं।
कम हुआ मनचलों का मंडराना
एंजिल साधना के अनुसार गर्ल्स कॉलेज के आसपास अपनी बाइक खड़ी कर युवक मंडराते रहते थे, लेकिन अब ये युवक कम हो गए हैं। उन्हें वाहन पर चालान चस्पा होने के साथ ही पकडे़ जाने का भी डर हो गया है।
महिलाओं को हेलमेट के लिए प्रेरित किया
प्रियंका कहती हैं महिलाएं ना तो हेलमेट लगाती हैं और ना ही वाहन के कागज रखती हैं। कुछ वाहनों के फोटो चालान किए गए और कुछ को चेताया गया तो महिलाएं भी कागजात लेकर चलने लगी हैं। हेलमेट भी लगाने लगी हैं।
ये हैं आंकड़े
यातायात कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार एक महीने में एंजिल संख्या 5 और 7 ने एक भी वाहन का चालान नहीं किया है। इसमें सबसे आगे एंजिल 9 रही है। उसने नो एंट्री जोन में खडे़ 46 वाहनों के चालान किए हैं। एंजिल 10 ने 18 और 1 ने 12 चालान किए हैं।