बीते माह दिल्ली और मथुरा में आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद जारी अलर्ट के बीच शनिवार को दिल्ली से जम्मू जा रही शालीमार एक्सप्रेस में बम की सूचना से आरपीएफ और जीआरपी में हड़कंप मच गया।
शाम 4:35 बजे डायल 100 पर किसी ने कॉल कर बम की सूचना दी थी। गाजियाबाद स्टेशन पार कर चुकी शालीमार एक्सप्रेस को मोदीनगर और मुरादनगर में रोका गया। आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस ने 22 मिनट तक चेकिंग की। हालांकि बम नहीं मिला। एहतियातन गाजियाबाद से गुजरी 22 ट्रेनों की भी तलाशी ली गई। मेरठ में भी कई ट्रेनों की चेकिंग की गई। जीआरपी अब सूचना देने वाले को ट्रेस कर रही है।
किसी व्यक्ति नेे कॉल कर बताया कि शालीमार एक्सप्रेस में बम रखा गया है। इतना कहते ही उसने फोन काट दिया। पुलिस से रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी गई तो हड़कंप मच गया। विजय नगर समेत कई थानों की पुलिस स्टेशन पहुंची। लेकिन ट्रेन निकल चुकी थी। तत्काल सूचना देकर ट्रेन को 17:08 बजे मुरादनगर स्टेशन पर रोका गया। बम की सूचना फैलते ही गाड़ी में सवार यात्रियों में अफरातफरी मची गई। यात्री ट्रेन से उतरकर खड़े हो गए। यहां एसओ रनवीर सिंह, जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन में सघन चेकिंग की। लेकिन कुछ नहीं मिला। 17:23 बजे शालीमार एक्सप्रेस को मुरादनगर से रवाना किया गया।
ट्रेन जैसे ही मोदीनगर स्टेशन पहुंची, वहां भी कोतवाली पुलिस, जीआरपी व आरपीएफ ने संयुक्त रूप से चेकिंग की। मोदीनगर में करीब सात मिनट तक गाड़ी की तलाशी ली गई। यहां मेरठ आते ही ट्रेन को चेक किया गया। इसके बाद यहां नौचंदी एक्सप्रेस में भी सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। प्लेटफार्म पर भी चेकिंग की गई।
बगैर डॉग स्क्वायड के बम ढूंढती रही पुलिस
बम की सूचना होने के बाद भी रेलवे और जीआरपी के पास बम की जांच करने के लिए न तो मेटल डिटेक्टर ही था और न ही डॉग स्क्वायड। इनके बिना ही पुलिस ने बम की जांच की।
पने पूरे संसाधनों के साथ ही सभी ट्रेनों में चेकिंग की गई। किसी भी ट्रेन में कुछ नहीं मिला। उसके बाद ट्रेनों को रवाना किया गया।