मेरठ। नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्वच्छता अभियान को शहर में पलीता लगाया जा रहा है। नाले और नालियां चोक होने के कारण उफन रहे हैं। सड़क पर जलभराव के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। ऐसा ही हाल खंदक बाजार का है। व्यापारी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी अनजान बने हुए हैं।
खंदक कपड़े का बाजार है। इस बाजार की गलियों में साफ सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। आए दिन नालियां चोक हो जाती हैं। इस कारण गंदगी सड़क पर बहने लगती है। तीन दिन से यहां नाली चोक है। गोबर और कूड़ा भरा होने से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लोगों में निगम अधिकारियों के प्रति गुस्सा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में डेयरियों से निकलने वाले गोबर के कारण नाले, नालियां चोक है। शिकायत पर भी समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा।
शहर को डेयरियों ने नरक बनाया
शहर में डेयरियों की भरमार है। प्रत्येक कॉलोनी और गलियों में डेयरियां संचालित हैं। इनसे निकलने वाला गोबर नाली और नालों में बहाया जा रहा है। इस कारण शहर के नाली और नाले हर समय चोक रहते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी डेयरियों को शहर से बाहर नहीं किया गया। न्यायालय में कार्रवाई से बचने के लिए नगर निगम बार-बार अभियान तो चलाता है, लेकिन औपचारिकता पूरी कर बैठ जाता है।
खराब है व्यवस्था
दीपक शर्मा ने बताया कि खंदक बाजार ही नहीं बल्कि पूरे शहर की सफाई व्यवस्था खराब है। अधिकारियों को स्वच्छता पर काम करना चाहिए। वहीं राहुल गर्ग ने कहा कि शहर से डेयरियों को बाहर किया जाना चाहिए। जो डेयरी संचालक नाली और नालों में गोबर बहा रहे हैं उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई हो। चंचल कश्यप ने बताया कि नगर निगम नाले साफ ही नहीं करता है। जब बड़े नाले ही चोक हैं तो छोटे नाले तो अपने आप ही बंद हो जाएंगे। विजय शर्मा ने कहा कि यदि प्रतिदिन सफाई हो तो नाली चोक नहीं होंगी। कई दिन से नाली बंद है। सड़क पर गंदगी बह रही है। कोई सुनने वाला ही नहीं है।