- रेल मंत्री से शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा है सुधार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। बिगड़ते रेल यातायात को लेकर रेलवे अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहे हैं। मेरठ से रेवाड़ी तक चलने वाली मेरठ छावनी पैसेंजर ट्रेन दो साल से लगातार लेट हो रही है। यात्रियों की शिकायत के बावजूद ट्रेन संचालन में कोई सुधार नहीं हुआ है।
यह ट्रेन रेवाड़ी से लौटते समय प्रतिदिन एक से तीन घंटे तक देरी से चलती है। इसके कारण मेरठ से गाजियाबाद, साहिबाबाद, शाहदरा और दिल्ली में सरकारी या निजी नौकरी करने वालों को परेशानी हो रही है। कई यात्रियों के रोजगार भी जा चुके हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। पुराने समय में ट्रेनें समय पर चलती थीं, जब तकनीक का अभाव था। अब तकनीक होने के बावजूद स्थिति खराब है और यात्रियों को असुविधा हो रही है। रविवार को भी मेरठ छावनी पैसेंजर ट्रेन मेरठ सिटी स्टेशन पर एक घंटा देरी से पहुंची। यह ट्रेन रात 8:25 बजे की बजाय 9:24 बजे स्टेशन पर आई। मेरठ के यात्रियों को ईएमयू ट्रेन भी नहीं मिल रही है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
दिल्ली से जम्मू जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस (14661) भी रविवार को एक घंटा देरी से पहुंची। यह ट्रेन शाम 6:53 बजे की बजाय 7:50 बजे मेरठ सिटी स्टेशन पर आई। दिल्ली जंक्शन से हरिद्वार जाने वाली हरिद्वार एक्सप्रेस (14303) भी अपने निर्धारित समय 7:15 बजे की जगह 7:55 बजे पहुंची। हजरत निजामुद्दीन से चलने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (18237) को हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से ही रद कर दिया गया।दिल्ली से देहरादून जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (22457) भी लगभग आधा घंटा देरी से पहुंची। यह ट्रेन शाम 6:36 बजे की बजाय 7:05 बजे मेरठ सिटी स्टेशन पर आई। यात्री रेल मंत्री से लेकर मंडल रेल प्रबंधक तक से शिकायत कर चुके हैं, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस अव्यवस्था से दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे अधिकारियों की लापरवाही से यात्रियों का विश्वास कम हो रहा है।