कैराना (शामली)। 13 साल पहले युवती का अपहरण करने और दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर पर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रितू नागर ने दोषी महीपाल निवासी गांव मन्नूगढ़ थाना झिंझाना को सात साल सश्रम कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
छह अक्तूबर 2011 को झिंझाना थाने पर एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री को महिपाल निवासी मन्नूगढ़ थाना झिंझाना तथा एक अन्य युवक अपहरण करके ले गए। झिंझाना पुलिस के मुकदमा दर्ज करने के बाद युवती को बरामद करते हुए अदालत में उसके बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई थी। पुलिस ने आरोपी महिपाल तथा एक अन्य को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया था जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। उक्त मुकदमे की सुनवाई कैराना स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी फरार हो गया था, जिसका आज तक पता नहीं चल सका।
अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रितू नागर ने दोष सिद्ध पाए जाने पर दोषी महिपाल को सात साल सश्रम कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थ दंड अदा नहीं करने पर डेढ़ साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।