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यूपी: फूड प्वाइजनिंग से एक ही परिवार के सात लोग बीमार, जिला अस्पताल में कराया भर्ती 

Tue, 14 May 2019 06:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अस्पताल में भर्ती फूड प्वाइजनिंग बीमार लोग - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ जिला अस्पताल में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उस समय खलबली मच गई, जब एक ही परिवार के सात लोगों को लाया गया। उन्हें चक्कर आ रहे थे और उल्टियां हो रही थीं। तत्काल उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों का मानना है कि उन्हें फूड प्वाइजनिंग हुई है। 

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अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों में रवि (26), अवनीश (15), अनिल (28), पप्पू (45), कुसुम (40), आरती (25) और जगशोरण (65) हैं। यह लोग रोहटा ब्लॉक के बनवारीपुर से आए हैं। यह सभी एक ही परिवार से हैं। इनका कहना है कि सोमवार रात करीब नौ बजे इन्होंने कढ़ी चावल और रोटी खाई थी। इसके बाद यह सो गए। सुबह उठे तो चक्कर आ रहे थे और उल्टियां होने लगीं। 

हालत खराब होने लगी तो गांव के लोग अन्य परिजन इन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। वहां से इन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। अब जिला अस्पताल में इनका उपचार चल रहा है। इलाज कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि मामला फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। रात में धूल चल रही थी। हो सकता है कि खाने में इसका असर रहा हो और उससे फूड प्वाइजनिंग हो गई हो। अब इनकी हालत पहले से बेहतर है।

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रहें सावधान, गर्मियों में ज्यादा रहता है फूड प्वाइजनिंग का खतरा 
फूड प्वाइजनिंग एक ऐसी समस्या है, जिससे कभी भी लोग प्रभावित हो सकते हैं। मगर खासकर गर्मियों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। फूड प्वाइजनिंग की सबसे बड़ी वजह है अस्वस्थ खाना या साफ-सफाई का ध्यान न देकर तैयार किया गया खाना खाना। 

ऐसे करें बचाव 
चिकित्सकों का कहना है कि फूड प्वाइजनिंग से बचने के लिए फलों और सब्जियों की पूरी तरह से धुलाई और उचित तरीके से खाना पकाने से खाद्य विषाक्तता का कारण बनने वाले अधिकांश बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। फूड प्वाइजनिंग होने पर जब तक आप बेहतर महसूस नहीं करते तब तक डेयरी उत्पाद, कैफीन, निकोटीन और वसायुक्त पदार्थ खाने से बचें। चिकित्सक से संपर्क करें।
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