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चंद महीनों में टूट रहा सात जन्मों का बंधन, अब तक सामने आए इतने केस

Thu, 07 Dec 2017 06:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मनु चौधरी, मेरठ
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विवाह
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विवाहिता को पति पर भरोसा नहीं, तो कहीं पति के साथ रहने की जिद। आपसी विवाद और दहेज उत्पीड़न के चलते तकरार। ऐसे मामले आए दिन पुलिस के सामने आ रहे हैं। जिनके चलते सात जन्मों का बंधन चंद महीनों में टूट रहा है। 
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शादी के चंद दिनों बाद पति और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के मामले पुलिस तक पहुंच रहे हैं। दोनों तरफ से मामला इतना बढ़ता है कि संबंध तोड़ने की नौबत आ जाती है। पति समेत अन्य के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी देने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए जाते हैं।

केस 1
शास्त्रीनगर निवासी युवती ने बीटेक की पढ़ाई की। जनवरी 2017 में युवती की शादी नोएडा निवासी साफ्टवेयर इंजीनियर से हुई थी। शादी के एक माह बाद ही पति और सास से विवाद हो गया तो दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करा दी। मामला थाने तक पहुंचा तो पति ने रिश्ता तोड़ दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि विवाहिता पति के साथ नोएडा में रहना चाहती थी। दोनों की परामर्श केंद्र पर काउंसिलिंग हुई परंतु समझौता नहीं हुआ।
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केस-2
नौचंदी क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका की शादी 2016 में जागृति विहार निवासी युवक से हुई। शादी के डेढ़ माह बाद ही दंपति में अनबन हो गई। महिला ने दहेज में पांच लाख रुपये और कार मांगने का आरोप लगा दिया। जांच में पता चला कि पति फोन पर लंबी बात करता था। जिस पर पत्नी शक करती थी।

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केस 3

सात जन्मों का बंधन - फोटो : अमर उजाला
प्रह्लादनगर निवासी युवक की शादी मार्च 2017 में ब्रह्मपुरी निवासी युवती से हुई थी। तीन माह बाद ही दोनों में विवाद हो गया। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि पीड़िता का आरोप है कि उसका पति गाजियाबाद स्थित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। एक महीने में घर आता था। इसी पर अनबन रहने लगी। परिवार परामर्श केंद्र पर समझौता नहीं होने पर महिला ने पति, सास, ससुर, देवर और जेठ के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया।

केस-4
गंगानगर निवासी बैंक में नौकरी करने वाले युवक की शादी जून 2016 में दिल्ली निवासी युवती से हुई। वह एक निजी कॉलेज में शिक्षिका थी। शादी के दो माह बाद से ही दंपति में विवाद रहने लगा। परिवार परामर्श केंद्र पर काउंसिलिंग के बाद थाने में केस दर्ज हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया कि युवक के परिजनों ने उसकी बिना मर्जी के शादी की थी। जिस पर युवक पत्नी को परेशान करने लगा। महिला ने पति, देवर ननद एवं सास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।

एसओ महिला थाना नेहा चौहान ने बताया कि महिलाओं द्वारा जो रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही हैं। जिनमें दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की नीयत से गला दबाने की कोशिश। दहेज में बाइक, कार और कैश आदि हैं। इतना ही नहीं देवर पर कमरे में घुसकर रेप की कोशिश का आरोप, बंधक बनाकर मारपीट करने के आरोप प्रमुख हैं। उनका कहना है कि दहेज उत्पीड़न के 20 से 25 फीसदी मामले ही जांच में सही पाए गए हैं। महिला थाने के अतिरिक्त कुछ मुकदमें संबंधित थानों में भी दर्ज हैं।

महिला थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न के मामले
2011     - 158
2012     - 202
2013     - 284
2014     - 326
2015     - 235
2016     - 81
2017     - 100

कोट 
एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने बताया कि दहेज उत्पीड़न के मामले में परिवार परामर्श केंद्र पर भी सुनवाई की जाती है। समझौता नहीं होने पर मामला दर्ज किया जाता है। विवेचना में आरोप अलग-अलग पाए जाते हैं। जांच के बाद ही पुलिस कार्रवाई करती है।

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