कोतवाली क्षेत्र के बनीसराय में सात साल पहले दिया गया था दोहरे हत्याकांड को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट-दो प्रहलाद सिंह ने सात साल पहले हुए नगर निगम पार्षद आरिफ और उसके दोस्त शादाब उर्फ भूरा की हत्या के मामले में सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। सजा पर सुनवाई मंगलवार को होगी।
26 दिसंबर 2016 को सोनाली उर्फ शमशाद किन्नर की साकेत क्षेत्र में हत्या हुई थी। इसमें कोतवाली क्षेत्र के इस्माइल नगर निवासी आरिफ पार्षद और शादाब उर्फ भूरा गवाह थे। इसी दौरान आरिफ और शादाब की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सर्वेश शर्मा, एडीसी प्रेरणा वर्मा ने कुल 12 गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस घटना में आरोपी तारिक, राशिद, राजू ताबिश, साकिब, शारिक, काशिफ उर्फ चीता को दोषी माना। एक आरोपी नदीम को न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। आरोपी फाइक की दौरान मुकदमा बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी है।
-
दोषी करार दिए जाने के बाद हंसते हुए जेल गए आरोपी
दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी हंसते हुए जेल गए। हत्या के मामले में आजीवन कारावास से फांसी तक का प्रावधान है। इसके बाद भी आरोपियों के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी।
सरेशाम कई राउंड फायरिंग से दहल गया था इलाका
नौ जुलाई 2017 को शाम करीब सात बजे इस्माइलनगर निवासी पार्षद आरिफ कोतवाली थाने से करीब 100 मीटर दूर बनीसराय मार्केट के एक सैलून में शेविंग करा रहा था। पास में ही उसका साथी शादाब उर्फ भूरा भी बैठा हुआ था। इसी दौरान तीन बाइकों पर आए हमलावरों ने सैलून में आरिफ और भूरा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि आरोपियों की आरिफ की रंजिश चल रही थी। काफी पहले आरिफ को धमकी भी दी गई थी। आरिफ पर पहले भी हमला हुआ था। फाइक के भाई शारिक का नाम बेकरी कांड में भी चर्चाओं में आया था।
-
जेल में हुई थी प्लानिंग, सुपारी किलर नदीम ने की थी हत्या
आरिफ की हत्या की प्लानिंग जेल में रहते हुए शारिक और फाइक ने की थी। दिल्ली के सीलमपुर निवासी सुपारी किलर नदीम को हत्या की सुपारी दी गई थी। शारिक, फाइक और आरिफ की रंजिश में कई हत्या हुई थी। 26 दिसंबर 2016 को बिलाल हत्याकांड में जेल में बंद आरिफ के भतीजे सलमान से मिलाई करके लौट रहे किन्नर शमशाद की साकेत में हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में शारिक और फाइक भी नामजद थे। 16 मई को 2017 को शारिक और फाइक के करीबी माने जाने वाले किन्नर पूर्व पार्षद फाको की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप सलमान पर आया था। हत्या में पांच लाख की सुपारी दी गई थी। इससे पहले शारिक और फाइक शमशाद हत्याकांड में जेल चले गए थे। तभी से आरिफ को हत्या की धमकी दी जा रही थी। पार्षद बनने के बाद आरिफ समाजवादी पार्टी से जुड़ गया था। पुलिस के साथ भी उसकी नजदीकी बढ़ गई थी। अपने प्रभाव से उसने एक के बाद एक विरोधियों पर कई मुकदमे दर्ज करा दिए थे। गलत नामजदगी के चलते शारिक और फारिक उसकी जान के दुश्मन बन गए थे।