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सेवानिवृत्ति के बाद देश और समाज के लिए ज्यादा बढ़ जाती है सैनिक की जिम्मेदारी

Wed, 12 Sep 2018 01:49 AM IST
amarujala
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meerut - फोटो : meerut
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देश में सेना ही ऐसी इकाई है जहां धर्म और जाति से ऊपर उठकर सोचा जाता है। ऐसे में समाज में एकता बनाए रखने के लिए पूर्व सैनिक बड़ा योगदान दे सकते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद एक सैनिक की जिम्मेदारी, परिवार, समाज और देश के प्रति और ज्यादा बढ़ जाती है। ये बात मंगलवार को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद मेरठ प्रांत के सम्मेलन में अतिथियों ने कही।
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बांबे बाजार स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मेजर जनरल एनएन गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संगठन लगातार पूर्व सैनिकों की पेंशन, वेलफेयर के लिए रक्षा मंत्रालय के संपर्क में है। परिवार कल्याण न्यास द्वारा सहायता दी जा रही है। परिषद के संगठन मंत्री विजय कुमार ने कहा कि सेना को छोड़कर हर जगह जाति और धर्म को देखा जाता है। ऐसे में पूर्व सैनिक समाज में नई रोशनी जगा सकते हैं।  उन्होंने बताया कि वीर सैनिक ग्राम गौरव योजना के कार्यक्रमों और दूसरे कार्यों में पूर्व सैनिक सेवा परिषद अपना अहम योगदान दे रही है। राष्ट्रीय महामंत्री ब्रिगेडियर एससी सरीन ने आर्थिक रूप से कमजोर पूर्व सैनिक परिवारों का ख्याल रखने पर जोर देते हुए कहा कि सेवानिवृत्त सैनिकों के संगठन एकजुट होकर समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करें, तभी देश में बदलाव का सपना पूरा हो सकेगा।  
 संरक्षक देवेंद्र कुमार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, अगर पूर्व होता है तो उसकी सेवा का दायरा और उसके सेवाकाल का कार्यक्षेत्र। जिलाध्यक्ष कर्नल एसपी सिंह कहा कि एकता और अनुशासन को आत्मसात कर एक सैनिक जाति व धर्म से ऊपर उठकर भाईचारे का वातावरण पैदा करता है। अध्यक्ष कुंवरपाल सिंह ने संगठन के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन को जिला स्तर से ग्राम स्तर तक ले जाना है ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं को दूर कराया जा सके। मेरठ प्रांत में मातृशक्ति को उन्होंने मजबूत करने की बात कही। मेरठ प्रांत के महामंत्री देवेंद्र तोमर ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि मेरठ क्रांतिवीरों की धरा है। यहां के रणबांकुरों ने 1948 से 1999 तक हुए युद्घों में अहम भूमिका निभाई है। यहां के अनेक सपूतों ने महावीर चक्र, अशोक चक्र, शौर्य चक्र, कीर्ति चक्र और सेना मेडल हासिल किए हैं।
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ये रहे शामिल
सम्मेलन में सहव्यवस्था प्रमुख आनंद प्रकाश, कैप्टन अमर सिंह, कर्नल बख्सी, जयचंद्र, धमेंद्र, हरेंद्र सिंह, ब्रजभूषण अग्रवाल, जगत सिंह, बिजेंद्र सिंह, सूबेदार ओमवीर सिंह, लोकेश शर्मा, त्रिलोक सिरोही, सूबेदार देवेंद्र कुमार, तेजवीर सिंह, बीर सिंह, कृष्णपाल सिंह और प्रहलाद सिंह समेत काफी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
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