हिंदू नेता को आईएसआईएस का एजेंट बनकर मुजफ्फरनगर के तत्कालीन डीएम डीके सिंह के सीयूजी नंबर से धमकी देने वाले आरोपी का पता दस दिन बाद भी नहीं चल सका है। दो जनपदों की सर्विलांस टीमों ने इस मामले में यूएसए से मदद ली है। नेट के जरिये की गई कॉल का खुलासा अमेरिका से होगा। अगले हफ्ते तक इसकी रिपोर्ट आने की संभावना जताई जा रही है।
मेरठ के मवाना के मोहल्ला कल्याण सिंह निवासी विश्व हिंदू परिषद के नेता सौरभ शर्मा को 23 अप्रैल को दो नंबरों से धमकी दी गई थी। तीसरी बार पाकिस्तान से आई कॉल से दूसरी ओर से बोलने वाले ने कहा कि मैं आईएसआईएस का एजेंट बोल रहा हूं। आरोपी ने सौरभ को जान से मारने की धमकी दी। धमकी से नेता का परिवार दहशत में आ गया। शुरू के दो नंबरों की जांच हुई तो सभी हैरत में पड़ गए। यह नंबर डीएम मुजफ्फरनगर का सीयूजी नंबर था। इस मामले में मेरठ, मुजफ्फरनगर और लखनऊ तक के अधिकारी भी सक्रिय हुए। सर्विलांस की जांच में दोनों नंबरों की सीडीआर में तत्कालीन डीएम डीके सिंह का ही नंबर आया है। मेरठ और मुजफ्फरनगर की आईटी टीमों को माथापच्ची के दस दिन बाद भी मामले में कोई खास कामयाबी नहीं मिल पाई। बीएसएनएल और प्राईवेट मोबाइल कंपनियों की सहायता तक ली गई, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पाई। इस मामले में टीमों ने नेट कंपनी के अमेरिका में स्थित हेडक्वार्टर से संपर्क साधा है। टीमों के तकनीशियनों का मानना है कि किसी शातिर ने नेट के जरिये तत्कालीन डीएम के नंबर से कॉल की है। अधिकारी ने बताया कि यूएसए से संपर्क किया जा रहा है। अगले हफ्ते तक रिपोर्ट आ जाएगी।