सरकारी तंत्र की लापरवाही से शहर के विकास को पलीता लग रहा है। श्रद्घापुरी योजना में पांच एकड़ भूमि पर प्रस्तावित सेटेलाइट बस अड्डा हवा में उड़ गया। यूपीएसआरटीसी की निष्क्रियता से एमडीए ने यहां आवासीय कॉलोनी बनाने का प्लान तैयार किया है और इस बाबत उसका भू उपयोग परिवर्तन करने का प्रस्ताव भी पारित करा दिया गया है।
यह था बस अड्डे का प्रस्ताव
श्रद्घापुरी योजना फेज टू पाकेट डी केले आउट में एमडीए ने पांच एकड़ जमीन सेटेलाइट बस अड्डे के लिए छोड़ी थी। इस अड्डे से सभी मुख्य स्थानाें के लिए बसों का संचालन किया जाना था। इस जमीन का निर्धारित शुल्क जमा कर यूपीएसआरटीसी को खरीदना था।
लापरवाही से गया प्रस्ताव
एमडीए वीसी के मुताबिक इस जमीन के विक्रय केलिए कई बार उप्र परिवहन निगम अधिकारियों से संपर्क किया गया। इसी वर्ष 27 अगस्त को इस बाबत फिर से अपर प्रबंध निदेशक उप्र परिवहन निगम को पत्र लिखा गया। कहा गया कि इस बाबत निर्धारित शुल्क जमा करा दिया जाए, पर ऐसा नहीं हुआ। एमडीए अधिकारियों के मुताबिक इससे साफ है कि परिवहन निगम यह जमीन लेने को इच्छुक ही नहीं है। ऐसे में बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि इस जमीन का भू उपयोग परिवर्तन कर दिया जाए। इसे आवासीय में करने का प्रस्ताव पेश किया, जो पास हो गया है।
पहले भी रखा गया था प्रस्ताव
17 फरवरी 2012 को हुई एमडीए बोर्ड की 98 वीं बैंठक में भी यह प्रस्ताव रखा गया था पर उस समय इसे खारिज कर दिया गया था। कहा गया था कि एक बार फिर इसके लिए प्रयास किया जाए ताकि शहर को विकास की राह पर ले जाया जा सके। शहर से यदि बस अड्डा बाहर जाए तो यहां शिफ्ट किया जा सके।
कई बार प्रयास के बावजूद जब यूपीएसआरटीसी के अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं तो क्या किया जा सकता है। कई पत्र लिखे पर रेस्पांस नहीं आया। ऐसे में अब इसका भू उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव पास किया है। यहां आवास डवलप होंगे। राजेश कुमार, वीसी एमडीए