नंगली किठौर में कथा वाचक का स्वागत करते पूर्व सांसद अमरपाल सिंह के भतीजे गौरव सिंह,फोटो आयो
किठौर। नंगली किठौर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पांचवें दिन गोवर्धन पूजा, गोवर्धन धारण, कालिया नाग मर्दन की लीला का वर्णन किया गया। कथावाचक श्यामा शास्त्री ने कहा कि एक बार ब्रजवासी वर्षा के देवता इंद्र की पूजा कर रहे थे। श्रीकृष्ण ने कहा, हम वर्षा के लिए इंद्र की नहीं, प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की पूजा करें, क्योंकि वे हमारी रक्षा करते हैं।ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोड़कर गोवर्धन पूजा की। इससे इंद्र क्रोधित हो गए और मूसलाधार वर्षा करने लगे। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की। उन्होंने कहा कि अभिमान के दमन और भक्ति में समर्पण का संदेश देता है।
भगवान सिखाते हैं कि प्रकृति और गोमाता की सेवा ही सच्ची पूजा है। यमुना नदी में विषधारी नाग कालिया रहता था, जिससे जल अपवित्र हो गया था। भगवान ने जल में उतरकर उसके फनों पर नृत्य किया और उसे परास्त किया।
कालिया ने क्षमा मांगी और श्रीकृष्ण ने उसे यमुना छोड़ने का आदेश दिया। अहंकार, क्रोध और विष जैसे नकारात्मक तत्वों को नष्ट कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण की गोपियों के साथ रासलीला कोई सामान्य नृत्य नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। सच्चा प्रेम स्वार्थ रहित होता है, जहां मैं और मेरा का भाव समाप्त हो जाता है, वहीं से भक्ति का सर्वोच्च स्तर प्रारंभ होता है।
इस दौरान पूर्व सांसद अमरपाल सिंह के भतीजे गौरव सिंह, मनोज पंवार, रिंकू विकल, राहुल राणा, अरविंद चंदेल, ब्रह्मपाल, वीरपाल आदि मौजूद रहे।