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नए साल से फास्टैग अनिवार्य करने की तैयारी, टोल पर सेंसर कमजोर, तैनात होंगे मार्शल

Sat, 26 Dec 2020 01:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Fastag - फोटो : social media
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फास्टैग व्यवस्था को एक जनवरी से अनिवार्य रूप से लागू करने की तैयारी की जा रही है, लेकिन टोल प्लाजा के सेंसर अभी कमजोर हैं, जो दूर से ही वाहन पर लगे फास्टैग को पढ़ नहीं पाते और वाहन चालक को टोल प्लाजा से निकलने में उतना ही समय लगता है, जितना कैश की लेन में लगता है। टोल पर रोजाना लगने वाले जाम का यह भी एक बड़ा कारण है।

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दरअसल सिवाया टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन में लगे सेंसर कभी भी धोखा दे देते हैं। फास्टैग सिस्टम की खासियत यही है कि जिस वाहन पर फास्टैग लगा हो, उसे टोल पर लगे सेंसर पहले ही पढ़ लें और ऑनलाइन टैक्स कटते ही वाहन टोल प्लाजा पर बिना रुके ही तेजी से निकल जाए। इससे जहां समय की बचत होती तो वाहन चालक अनावश्यक जाम में फंसने से बचता है, लेकिन उस तरह से वाहन नहीं निकलता है।

टोल की लेन का बैरियर गिरते ही समय की बर्बादी शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए भी होता है कि सभी वाहनों पर फास्टैग सिस्टम लगा होने का निश्चित स्थान नहीं है, जिसकी वजह से टोल पर लगा सेंसर उसे समय से नहीं पढ़ पाता है। टोल प्लाजा के मैनेजर प्रदीप चौधरी का कहना है कि जिन सेंसर में दिक्कत थीं, उन्हें बदला गया है। टोल पर फास्टैग में रिचार्ज पर 2-3 मिनट ही अपडेट होने में लग रहे हैं।

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टोल पर 200 मीटर पहले रोकेंगे मार्शल
सभी वाहनों पर फास्टैग लगाने की योजना को पूरा करने के लिए एनएचएआई अब सिवाया टोल प्लाजा पर मार्शल तैनात करेगा। ये मार्शल बिना फास्टैग लगे वाहन को टोल से 200 मीटर पहले ही रोकेंगे और फास्टैग लगवाने का अनुरोध करेंगे।

टोल प्लाजा के अधिकारियों के अनुसार अभी करीब 70 प्रतिशत वाहनों पर ही फास्टैग लगे है। रोजाना 100-150 तक वाहनों में फास्टैग लगाए जा रहे है। टोल से रोजाना 15-17 हजार वाहन निकलते है। शनिवार और रविवार को यह संख्या 20 हजार के पार पहुंच जाती है।

एनएचएआई ने निर्देश जारी किए है कि टोल प्लाजा पर 50 मार्शल लगाए जाएं, जो वाहन को टोल लेन से 200 मीटर पहले ही रोककर फास्टैग लगवाने के लिए प्रेरित करें। उनसे किसी तरह की बहस या झगड़ा ना किया जाए। यदि वाहन चालक फास्टैग नहीं लगवाता है तो दोगुना शुल्क लेकर उसे जाने दिया जाए।

स्थानीय के लिए भी यही व्यवस्था
टोल प्लाजा के मैनेजर के अनुसार 10 किमी के क्षेत्र में आने वाले स्थानीय लोगों के वाहनों को भी इसी तरह रोककर फास्टैग लगवाने के लिए बोला जाएगा। लोकल आईडी पर उन्हें लोकल टोल ही देना पड़ेगा।
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