संवेदनशील इलाकों ने नहीं थे इंतजाम
मेरठ। शहर के संवेदनशील इलाके लिसाड़ीगेट में जाकिर कॉलोनी, तोपचीवाड़ा, समरगार्डन क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने फोर्स नहीं तैनात किया था। शुक्रवार को दोपहर तक पुलिस अधिकारी शहर में घूमते रहे, लेकिन कहीं से बवाल का कोई इनपुट नहीं मिला। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में नमाज भी अदा कराई। उसके बाद प्लानिंग कर भीड़ सड़क पर उतर गई और पुलिस फोर्स पर पथराव व फायरिंग की।
नमाज होने तक एक जगह थे अफसर
जुमे की नमाज होने तक कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीएम और एसएसपी बेगमपुल पुलिस चौकी पर मौजूद थे। उसके बाद डीएम और एसएसपी फोर्स को लेकर शहर में निकल गए। कोतवाली जामा मस्जिद में हंगामे की सूचना पर दोनों अधिकारी पहुंचे। हालांकि सब कुछ सामान्य मिला। डीएम और एसएसपी पुलिस फोर्स लेकर कोतवाली से होते हापुड़ अड्डे पर चले गए। उसके बाद भीड़ ने सड़कों पर बवाल शुरू कर दिया।
एसपी ट्रैफिक और एसपी क्राइम की गश्त हटीं
लिसाड़ीगेट से कोतवाली मार्ग पर नमाज अदा करने के बाद भीड़ धार्मिक स्थल के बाहर आ गई। एसपी ट्रैफिक और एसपी क्राइम पुलिस फोर्स लेकर इसी मार्ग का पैदल मार्च किया। लोगों से घर जाने की अपील की। डीएम और एसएसपी के जाने के बाद दोनों अधिकारी भी वहां से चले गए।
बवाल होना है, देख लेना
कई लोग पहले ही पुलिस प्रशासन को चेतावनी दे चुके थे कि बवाल होना तय है। खैरनगर मेें पार्षद की गिरफ्तारी के बाद बवाल की रणनीति बन रही थी। वहीं पर पुलिस का फोकस था। लेकिन बवालियों ने लिसाड़ीगेट को टारगेट बनाया।