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‘सीनियर्स के पदचिह्नों पर चलने से मिलती है कामयाबी’   

Sun, 10 Dec 2017 10:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने कहा कि जो व्यक्ति अपने सीनियर्स के पदचिह्नों पर चलते हुए मेहनत करता है, वह अपने जीवन में सदैव कामयाब होता है। 
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मेरठ बार एसोसिएशन के वरिष्ठ दीवानी अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष चौ. नरेंद्र पाल सिंह के पुत्र विवेक चौधरी ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में न्यायमूर्ति के पद को सुशोभित किया है। बार एसोसिएशन द्वारा शनिवार को कचहरी परिसर स्थित पं. नानक चंद सभागार में उनके सम्मान में समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने कहा कि न्यायमूर्ति विवेक चौधरी के सीनियर उनके अधिवक्ता पिता चौ. नरेंद्र पाल सिंह रहे हैं। जिनसे उन्होंने कामयाबी के गुर सीखे। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी को बधाई देते हुए इसे मेरठ के लिए गौरवान्वित करने वाला पल बताया।

इस अवसर पर हाईकोर्ट इलाहाबाद के न्यायमूर्ति व प्रशासनिक जज पंकज मित्तल ने न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की नियुक्ति पर बधाई देते हुए कचहरी में स्थायी रूप से डिस्पेंसरी खोलने सहित तमाम योजनाओं को पूरा करने की बात कही। कहा कि अधिवक्ता छोटी-छोटी बातों से हटकर अधिक से अधिक दिवस में न्यायिक कार्य करें। न्यायमूर्ति वीके बिरला ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पदचिह्नों पर चलते हुए उनकी कार्यप्रणाली का अनुसरण करने की बात कही। 
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न्यायमूर्ति अजय भनौट ने कहा कि अधिवक्ताओं को फीस नहीं बल्कि अपने न्यायिक परिणाम की चिंता करनी चाहिए। अधिवक्ता समाज का वह वर्ग है जिसने देश को आजादी दिलाने से लेकर आज तक समाज की अगुवाई की है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने इस उपलब्धि से अधिवक्ताओं को प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कहा कि यहां की अच्छाई इसी बात से पता चलती है कि विवेक चौधरी की नियुक्ति बतौर न्यायमूर्ति के पद पर हुई है। 

जिला जज आलोक सक्सेना ने न्यायमूर्ति विवेक चौधरी को उनके चयन पर बधाई देते हुए सभी न्यायमूर्तियों का स्वागत किया। इस उपलब्धि पर सभी को मुबारकबाद दी। मेरठ बार के अध्यक्ष रोहिताश्व कुमार अग्रवाल ने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक कार्य सदैव ईमानदारी से करते हैं और सभी न्यायिक अधिकारियों का सम्मान करते हैं। इसके बदले में वे भी सम्मान चाहते हैं। उन्होंने इस मौके पर पउप्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना करने की पचास वर्ष पुरानी मांग को भी दोहराया।

इससे पूर्व समारोह की शुरुआत शिवांगी संगीत विद्यालय की छात्राओं द्वारा वंदेमातरम से हुई। मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इस मौके पर सात वरिष्ठ दिवंगत अधिवक्ताओं अरुण मित्तल, आसिफ अली सब्जवारी, जेडी सिंघल, गोपी किशन शर्मा, जयप्रकाश जैन, रमेश चंद यादव, हरिकिशन शर्मा के तैल चित्रों का अनावरण किया गया। समारोह में पूर्व न्यायमूर्ति नसीमुद्दीन, राजेश चंद्रा, वीपी सिंह, डीएम समीर वर्मा, एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी सिटी मान सिंह चौहान भी मौजूद रहे। 

‘आज जो भी हूं पिता की बदौलत’
न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने कहा कि जीवन में ईमानदारी और मेहनत पहले आती है, कानून उसके बाद आता है। मेरठ कालेज से विधि स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद इसी कचहरी में वकालत शुरू की थी। कहा कि वे आज जो भी हैं कि अपने पिता चौ. नरेंद्र पाल सिंह की बदौलत हैं। वे हमेशा अपने पिता की दी गई शिक्षा और संस्कारों पर ही चलते आए हैं और चलते रहेंगे। मेरठ के लोग सच्चे और हितैषी हैं। संबोधन के दौरान वे कई दफा भावुक भी हुए। 

समारोह में ये रहे मौजूद 
चौ. नरेंद्र पाल सिंह, चौ. जगदीश सिंह सिरोही, चौ. राजपाल सिंह, डॉ. ओपी शर्मा, सतीश चंद गुप्ता, कुंवर विनय सिंह, ब्रजभूषण गर्ग, अब्दुल जब्बार, नगेंद्र यादव, संजय शर्मा, विशाल भारती शर्मा, कुलवंत सिंह, एसपी रस्तोगी, एमपी शर्मा, अजय त्यागी, सुभाष त्यागी, डीडी शर्मा, उदयवीर सिंह राणा, अशोक कुमार शर्मा, अनिल तोमर, जुनेद सिद्दीकी, सुमन गुप्ता, नेपाल सिंह सोम, जितेंद्र मोहन शर्मा, अनिल जंगाला, मुकेश मित्तल, तरुण ढाका, कुंवर असलम प्रथम, सुधीर पंवार, महेश त्यागी, राजीव शर्मा, परवेज आलम प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन महामंत्री प्रबोध शर्मा ने किया।
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