- कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का 44वां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 44वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने
मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
स्वर्ण कलश से डॉ. आदि जैन और संजय जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा सुनील जैन, सुनीता जैन ने की। दीप का प्रज्वलन रितु, डॉ. अदिति जैन, रूपा जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आदिनाथ भगवान की पूजा और तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। भक्तामर पाठ का शुभारंभ क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन ने किया।
विधान के मध्य गुरुवर भाव भूषण महाराज ने कहा कि मानव का मन कमजोर व निगाहें चंचल हैं। जो कि आकर्षण के मार्ग में अंधे होकर भागने की चेष्टा करेगा, स्वयं के आचरण को दूषित करेगा ही। साथ ही दूसरे के आचरण को भी दूषित कर देगा। किंतु धर्म कहता है कि सभी पदार्थों की आकांक्षा को त्यागकर स्वयं की आत्मा में रमना होगा। तुम्हारे जीवन की ऊर्जा जब स्वयं की साधना में लग जाती है तो स्वयं को भगवंत बनाने में कारण बनी है।
विधान का विसर्जन मोनिका जैन, संजय जैन, पंच परमेष्टी की आरती का दीप प्रज्वलन रितु जैन, संजय जैन, अदिति आदि जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सुशील जैन, निर्मल जैन, सुनील जैन, सुनीता जैन और भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन संजीव जैन ने किया।
इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सुशील जैन, राकेश जैन, रोहित जैन, भूषण स्वरूप, मुकेश जैन का सहयोग रहा।