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स्वरोजगार से बदलेगी किन्नरों की जिंदगी

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मेरठ। शादी-ब्याह एवं त्योहारों पर बधाई मांगकर जीवन यापन करने वाले किन्नरों (ट्रांसजेंडर्स) को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए उन्हें आईटीआई एवं अन्य तरह से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें समाज में मान-सम्मान दिलाने एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत मेरठ से की जा रही है।
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राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम ने ट्रांसजेंडर्स की ज़िंदगी को नई दिशा देने के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू किया है। एमएसएमई के पीपीडीसी (प्रोसेस एंड प्रॉडक्ट डेवेलपमेंट सेंटर) पर किन्नरों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का पहला चरण मेरठ पीपीडीसी में शुरू होगा। पहले चरण में पांच ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सिलाई, अगरबत्ती बनाना, मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर, टाइपिंग एवं खेल उत्पाद बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। पीपीडीसी मेरठ के डायरेक्टर सुनील गुप्ता का कहना है कि 2020 के अंत तक प्रशिक्षण प्रारंभ हो जाएगा। इसमें दो से चार माह के शॉर्ट टर्म कोर्स होंगे। करीब 30 प्रतिभागियों का बैच बनाया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद टूल किट एवं प्रमाणपत्र देंगे। साथ ही रोजगार कार्यालय एवं जिला उद्योग केंद्र के साथ मिलकर जॉब फेयर का आयोजन होगा। जिससे प्रशिक्षित ट्रांसजेंडर को स्थानीय स्तर की कंपनियों में नौकरी मिल सके। यदि कोई ट्रांसजेंडर प्रशिक्षणोपरांत अपना काम शुरू करना चाहेगा तो उसकी सहायता की जाएगी।
वर्जन
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के तहत ट्रांसजेंडर्स के लिए प्रशिक्षण की शुरूआत कर रहे हैं। प्रारंभ में पांच ट्रेड का प्रशिक्षण देंगे। प्रयोग सफल रहा तो कोर्स बढ़ाएंगे। देश के अन्य शहरों में भी इस प्रोजेक्ट को पीपीडीसी के तहत शुरू किया जाएगा। इसकी निशुल्क ट्रेनिंग होगी। - सुनील गुप्ता, डायरेक्टर पीपीडीसी मेरठ
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