छपरौली (बागपत)। क्षेत्र के नांगल गांव के पास माता शाकंभरी देवी के मंदिर में आसपास के गांव के साथ-साथ दूर-दराज के लोग भी मन्नतें मांगने आते हैं । मान्यता है जो सच्चे मन से मुराद मांगते हैं, उनकी इच्छा अवश्य पूरी होती है।
छपरौली से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित मां शाकंभरी देवी मंदिर टांडा रोड पर बना हुआ है। वैसे तो यहां पर भक्तों का आना-जाना बना रहता है, लेकिन नवरात्र में भक्तों की तादाद ज्यादा होती है। मंदिर के प्रबंधक व संरक्षक राधेश्याम शर्मा कहते हैं कि लोगों के सहयोग से और खुद के प्रयास से मंदिर का निर्माण कराया गया। उनको विभाग से जो पेंशन मिलती है जिसका आधा हिस्सा वह मंदिर को समर्पित कर रहे हैं । पुजारी रमेश ने बताया की मंदिर की स्थापना होने के बाद यहां भक्तों का विश्वास बढ़ता जा रहा है इस क्षेत्र में मां शाकंभरी देवी का कोई मंदिर नहीं था इस मंदिर से लोगों की मान्यता एवं आस्था जुड़ी हुई है । भक्त रविंद्र कुमार ने बताया गांव के पास यह मंदिर स्थित होने के कारण यहां पर भक्त मन्नत मांगने आते हैं मां शाकंभरी देवी उनकी मन्नत पूरी करती है भक्त संजीव कुमार ने बताया यह मंदिर सड़क किनारे स्थित होने के कारण आने जाने वालों को इसका लाभ मिलता है और भी किसी भी समय मंदिर में मां के दर्शन करते हैं राममेहर सिंह ने बताया कि इस मंदिर में जो भी सच्चे मन से मुराद मांगता है मां उनकी मुराद अवश्य पूरी करती है यह मंदिर कूड़ी गांव से करीब एक किलोमीटर दूर एवं नांगल गांव से भी 1 किलोमीटर दूरी पर है टांडा गांव यहां से दो किलोमीटर है और छपरौली से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । यहां पर दिल्ली, हरियाणा और अन्य स्थानों से भी भक्तगण मां के दर्शन करने के लिए आते हैं।