सिक्योरिटी गार्ड की हत्या, एक आरोपी ने पुलिस से पिस्टल छीनी
मेरठ। किठौर थाना क्षेत्र में एक सिक्योरिटी गार्ड की हत्या कर दी गई। इसमें पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर शव बरामद किया। इसी दौरान हत्यारोपी ने पुलिस से सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने हत्यारोपी को पैर में गोली मारी और फिर उसे गिरफ्तार किया।
किठौर थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी नागेंद्र सिंह उर्फ सोनू चौधरी (36) पुत्र महेंद्र सिंह चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के सामने रंगोलियां टावर में गार्ड की नौकरी करता था। सोनू की दोस्ती गांव के ही निखिल उर्फ लंबू और विनोद से थी। पांच फरवरी को सोनू टावर पर ड्यूटी कर गया, लेकिन घर नहीं पहुंचा। सोनू की मां कविता ने मेडिकल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। कविता ने निखिल, विनोद पर बेटे की हत्या करने का अंदेशा जताया। मेडिकल पुलिस ने शक के आधार पर निखिल को गिरफ्तार कर लिया। निखिल से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि विनोद व राहुल के साथ मिलकर उसने सोनू की हत्या हसनपुर गांव स्थित मिल रोड पर कर दी है। उसका शव एक खेत में पड़ा हुआ है। पुलिस ने सोनू का शव बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक शव की बरामदगी के दौरान ही हत्यारोपी निखिल ने एक सिपाही से पिस्टल छीन ली और भागने का प्रयास किया। उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने निखिल के पैर में गोली मार दी। निखिल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। सीओ सिविल लाइन देवी सिंह का कहना कि फरार दोनों आरोपी विनोद और राहुल की तलाश में दबिश जारी है। हत्याकांड का मुख्य आरोपी विनोद बताया गया है, जोकि हसनपुर गांव का ही निवासी है।
सोनू से 10 बीघा जमीन लेना चाहता था विनोद
दावा है कि विनोद सोनू की 10 बीघा जमीन लेना चाहता था। इसके लिए सोनू पर दबाव बना रहा था कि बैनामा उसके नाम कर दें। पांच फरवरी को वह जब ड्यूटी करके वापस लौटा तो विनोद निखिल और राहुल ने सोनू को पहले शराब पिलाई। सोनू बैनामा कराने के लिए तैयार नहीं हुआ तो डंडों से तीनों ने उसको पीटना शुरू कर दिया। इतना पीटा गया कि सोनू की मौत हो गई। इसके बाद तीनों आरोपियों ने सोनू के शव को एक खेत में फेंक दिया।