मेरठ। लोहियानगर में बने 300 से अधिक आवासों में चोरी हो रहे दरवाजे और खिड़कियों पर अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इस पर एमडीए सचिव प्रवीणा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस योजना की फाइल तलब की है। जिससे पता चलेगा कि इन आवासों में कितने दरवाजे, खिड़की सहित अन्य उपकरण लगे थे।
सचिव ने अधिशासी अभियंता अरुण कुमार को इस मामले में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जिससे योजना के बारे में पता चल सके कि इसमें कितना खर्च हुआ था। ऐसे में अब ये सवाल भी उठेगा क्या एमडीए ने ठेकेदार से इन फ्लैट को हस्तांतरित कर लिया है या नहीं। इतने बड़े प्रोजेक्ट को अभी तक ठेकेदार के भरोसे कैसे छोड़ा जा सकता है। इन फ्लैटों को बनाने में कई ठेकेदारों ने बोली लगाई थी। इनकी दुर्दशा मौके पर पता चल रही है। फ्लैट जर्जर हाल में पहुंच चुके हैं। वहीं, चोर टॉयलेट एसेसरीज से लेकर दरवाजे के कुंडे भी उखाड़ ले गए हैं। ऐसे में साफ दिख रहा है कि सरकारी आवासों में चोरी होने का खुलासा होने के बाद ही अधिकारी जागे हैं।