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प्राचीन शिवलिंग पर किया दूसरा शिवलिंग स्थापित, लोगों में आक्रोश, पुलिस ने शिवलिंग को हटवाया

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प्राचीन शिवलिंग पर किया दूसरा शिवलिंग स्थापित, लोगों में आक्रोश, पुलिस ने शिवलिंग को हटवाया
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हस्तिनापुर। प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर में पांडवों द्वारा स्थापित शिवलिंग से छेड़छाड़ किए जाने पर कस्बे और क्षेत्र के श्रद्धालु आक्रोशित हो गए। मंदिर के महंत द्वारा गुपचुप तरीके से नया शिवलिंग स्थापित किया गया था। पुलिस ने मंदिर के महंत से प्राचीन शिवलिंग पर स्थापित किए गए दूसरे शिवलिंग को तुरंत हटवाया। उसके बाद लोग शांत हुए।
लगभग सात हजार वर्ष पुराने पांडेश्वर महादेव मंदिर में महाभारत के युद्ध से पूर्व पांडवों द्वारा युद्ध में विजय की कामना के लिए शिवलिंग स्थापित किया था। ऐतिहासिक नगरी में बाकी सब तो महाप्रलय में जीर्ण शीर्ण हो गया, परंतु पांडेश्वर महादेव मंदिर यथास्थिति में आज भी खड़ा हुआ है, जिसकी देखरेख एक महंत द्वारा की जा रही है। सोमवार रात गुपचुप तरीके से महंत ने इस ऐतिहासिक धरोहर से छेड़छाड़ की। लोगों ने बताया कि मंगलवार सुबह वह मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे तो वहां प्राचीन शिवलिंग नहीं था। जिसकी सूचना उन्होंने अन्य लोगों को दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
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पुलिस ने मंदिर के महंत से पूछताछ की। महंत ने बताया कि उनके गुरु के कहने पर नया शिवलिंग स्थापित किया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह प्राचीन शिवलिंग के साथ छेड़छाड़ है। पुलिस ने तुरंत नया शिवलिंग हटवाया और प्राचीन शिवलिंग की साफ सफाई कराकर पूजा-अर्चना शुरू कराई। उसके बाद पुलिस और श्रद्धालुओं की जान में जान आई।
प्राचीन महादेव मंदिर की है मान्यता
द्वापर युग के साक्षी प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर की मान्यता कम नहीं है। लोगों का विश्वास है कि जो व्यक्ति धर्मराज युधिष्ठिर के हाथों स्थापित शिवलिंग की सोलह सोमवार पूजा करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है।
बढ़ सकता था बड़ा था आक्रोश
दो दिन बाद शिवरात्रि का त्यौहार है। हजारों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लाकर शिवलिंग की पूजा अर्चना करते हैं। यदि उन्हें प्राचीन शिवलिंग नहीं मिलता तो आक्रोश बढ़ने का पूरा अंदेशा था। श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ की आस्था के चलते कांवड़ लेने हरिद्वार गए हुए हैं।
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पर्यटन विभाग को भी नहीं खबर
मंदिर की महत्ता को देखते हुए सरकार ने यह क्षेत्र पर्यटन स्थल घोषित किया है। देखरेख की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दी गई है। दूसरा शिवलिंग स्थापित करने की खबर पर्यटन विभाग को भी नहीं लगी।
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