मेरठ। चौधरी चरण सिंह जिला कारागार परिसर के वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कादिर बड्ढा और उसके साथियों की तलाश शुरू कर दी है। अभी तक जेल प्रशासन वीडियो और फोटो दूसरे जिले की बताकर मामला दबाने में जुटा था। अब जेलर अवनीश कुमार की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में जेल प्रशासन की छवि धूमिल करने और भय फैलाने का आरोप लगाया है। इससे अधिकारियों के जेल में मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध के दावों की पोल खुल गई है।
जेलर अवनीश कुमार से दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि 17 जनवरी को कायस्थ बड्ढ़ा निवासी कादिर ने इंस्टाग्राम पर कुछ वीडियो पोस्ट की थी। इसके बाद जेल परिसर में मोबाइल से वीडियो बनाने का हल्ला मच गया था। जांच में एक वीडियो बुलंदशहर जेल की पाई गई थी। एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर के निर्देश पर वहां से जेलर ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मेरठ जेल प्रशासन ने वीडियो को लेकर अपना पल्ला झाड़ लिया था। बाद में जांच में साफ हो गया है वीडियो मेरठ जेल की भी है। जेल प्रशासन के अनुसार कादिर जिला जेल में 30 जून 2022 से 24 मई 2024 तक व 31 अगस्त 2024 से 8 जनवरी 2025 तक रहा।
वीडियो में उसके साथ दिखाई दे रहे कुलदीप त्यागी वर्ष-2022 से 2024, आशीष मलिक वर्ष-2020 से 2023, अक्षय उर्फ छोटू वर्ष 2018 से 2020 तक, विशाल वर्ष 2023 में किट़्टू उर्फ प्रशांत चौधरी वर्ष-2018 और शादाब वर्ष-2022 में जेल में बंद रहे। इसी दौरान की वीडियो और फोटो हैं। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।