भगत सिंह मार्केट स्थित पीर वाली गली में तीन फीट संकरी गली में तीन मंजिला व्यवसायिक कांप्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। मामले में कोर्ट के आदेश पर एमडीए ने सील लगाई थी। लेकिन बिल्डर ने सील तोड़कर गुपचुप तरीके से दोबारा निर्माण शुरू करा दिया है। लोगों की शिकायत के बावजूद एमडीए प्रशासन मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
पीर वाली गली में कभी आवासीय मकान हुआ करते थे। एक बिल्डर ने सांठगांठ कर इन मकानों को खरीद लिया। इसके बाद मकान तुड़वाकर करीब 500 वर्ग गज जमीन में बेसमेंट खुदाई के साथ व्यवसायिक कांप्लेक्स निर्माण शुरू करा दिया। मामले में सामाजिक कार्यकर्ता सचिन सैनी ने नवंबर 2015 में हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की। उन्होंने बताया कि इस निर्माण से आसपास के भवनों को खतरा है। इस निर्माण का नक्शा भी स्वीकृत नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया। इसी मामले में शाहिद खान ने भी जनवरी 2016 रिट दायर की। दबाव बढ़ने पर एमडीए ने 2016 में कांप्लेक्स सील कर दिया। कुछ दिनों बाद बिल्डर ने गुपचुप तरीके से सील खोल दी। बताया जाता है कि व्यापारी नेता नईम गाजी की सील खुलवाने मे अहम भूमिका रही। उन्होंने भी इस कांप्लेक्स में अपनी हिस्सेदारी का दावा किया था। इसी रंजिश में उनकी हत्या कर दी गई थी।
फिर शुरू हुआ निर्माण
इस अवैध कांप्लेक्स की दो मंजिल बनकर तैयार हो चुकी हैं। डबल स्टे के साथ ही लगातार एमडीए सहित शासन और स्थानीय जिला प्रशासन में इसकी शिकायतें हो रही है। लेकिन आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस वक्त भी कांप्लेक्स की तीसरी मंजिल पर पॉलीथिन बांधकर गुपचुप तरीके से निर्माण कार्य चल रहा है।
आज कुछ लोग मेरे पास शिकायत लेकर आये थे। इसकी जांच के लिए टीम भेजी गई है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जायेगी। यदि निर्माण गलत है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई तय होगी।
राजेश कुमार पांडे, उपाध्यक्ष मेरठ विकास प्राधिकरण