बिजनौर के रावली निवासी ज्ञान सिंह हाल पता नीमका की नाव से एसडीएम मवाना, एसओ परीक्षितगढ़, इंस्पेक्टर आबकारी अतुल टापू पर पहुंचे। एसडीएम समेत 15 लोग टीम में शामिल थे। नाविक ज्ञान सिंह गंगा के बीच में टापू किनारे नाव रोककर आराम से बैठ गया। जिसके बाद टीम अवैध शराब की भट्ठियों पर कार्रवाई करने लगी।
टीम ने कार्रवाई के दौरान 5 हजार लीटर लहन, 225 लीटर कच्ची शराब और एक दर्जन भट्ठी नष्ट कीं। मौके से दुर्लभ प्रजाति का कछुआ भी बरामद किया गया, जिसे वन विभाग को सौंपने के लिए नाव में ही रखवा दिया गया था।
अफसरों की टीम कार्रवाई के बाद किनारे पहुंची तो पता चला कि कुंडा निवासी गुरजीत सिंह, सोनू, कुलदीप और संजय निवासी झब्बापुर ने नाविक को पीटा और लूट करते हुए कछुए को भी कब्जे में ले लिया। इन शराब तस्करों ने नाव तोड़कर गंगा में ही फेंक दी और फरार हो गए।
इस दौरान मोबाइल के सिग्नल न आने के कारण अधिकारी फंसे रहे। बाद में अफसरों ने दूसरी नाव की व्यवस्था कराई गई। हालांकि अफसरों ने क छुए को ले जाने पर चुप्पी साध ली। कछुए को आरोपी ले गए या गंगा में बहा गए, पता नहीं चला।
एसडीएम ने दिखाई तत्परता
एसडीएम मवाना ऋषिराज सिंह ने इस मामले में शराब तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। जिसके बाद परीक्षितगढ़ थाने में नाव के मालिक ज्ञानसिंह ने नाव तोड़ने के आरोपियों गुरजीत सिंह, सोनू, कुदीलप और संजय के खिलाफ धारा 392, 342, 427 और एससीएसटी एक्ट में मुकदमा कराया गया। संजय निवासी झब्बापुर को घटना के समय ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि गुरमीत को शनिवार को जेल भेजा गया।
पहले भी शराब माफिया कर चुके हमला
खादर क्षेत्र में शराब माफिया पहले भी दुस्साहस दिखा चुके हैं। वर्ष 2008 में गांव मिर्जापुर में शराब माफियाओं ने आबकारी विभाग की टीम पर हमला कर एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गंभीर रूप से घायल करने के साथ सरकारी असलहे छीन लिए थे। साल 2011 में ग्राम नीमका के शराब माफिया ने मिर्जापुर रोड पर ही आबकारी विभाग की टीम पर हमला बोलकर एक दर्जन गाड़ियों को क्षतिग्रस्त करने के साथ टीम को दौड़ा दिया था।
अभियान जारी रहेगा
नाव तोड़ने के मामले में पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। खादर क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। -अविनाश पांडेय, एसपी देहात