शामली। जलालाबाद किले प्रकरण में एसडीएम विनय कुमार ने बुधवार को कलक्ट्रेट में मनहार खेड़ा दुर्ग कल्याण समिति के 12 सदस्यों के बयान दर्ज किए। हालांकि, विधायक पक्ष नहीं पहुंचा। 20 फरवरी तक का समय मांगा गया है। उधर, किले में निर्माण कार्य रुकवाने की मांग को लेकर समिति के पदाधिकारियों ने एसडीएम को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
दो माह पूर्व मनहार खेडा दुर्ग कल्याण समिति के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर जलालाबाद किले को हिंदू राजाओं का बताकर किले की खुदाई करने और जलालाबाद का नाम बदलने की मांग की थी। वर्तमान में किले में रालोद के थानाभवन विधायक अशरफ अली खां के परिवार के लोग रह रहे हैं। वह किले को अपना पुश्तैनी बता रहे हैं।
किले का मामला पुरातत्व विभाग में विचाराधीन है। पुरातत्व विभाग लखनऊ की निदेशक रेनू जिला प्रशासन को नोटिस जारी करके किले का रिकाॅर्ड तलब कर चुकीं हैं। गत 29 दिसंबर को जिला प्रशासन जलालाबाद किले की बाबत अपनी रिपोर्ट भेज चुका है। जिससे पुरातत्व विभाग जिला प्रशासन की रिपोर्ट को अधूरी मानकर पुन: रिपोर्ट तलब की थी।
एसडीएम सदर विनय भदौरिया ने बताया कि बुधवार को मनहार खेड़ा समिति और विधायक पक्ष को बयान दर्ज करने के लिए कलक्ट्रेट में बुलाया गया था। समिति के 12 सदस्यों के बयान दर्ज किए गए हैं जबकि विधायक पक्ष ने 20 फरवरी तक का समय मांगा है। इसके बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद ही रिपोर्ट पुरातत्व विभाग को भेजी जाएगी। विधायक अशरफ अली का कहना है कि किला उनका पुश्तैनी है, जिसके कागजात उनके पास है। कब्जे का आरोप पूरी तरह से गलत है।
- किले का निर्माण कार्य रुकवाने की मांग
शामली। मनहार खेड़ा दुर्ग कल्याण समिति के भानू प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, विजेंद्रपाल, रामकिशन आदि ने जिलाधिकारी के नाम एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में कहा कि जलालाबाद किले को लेकर पुरातत्व विभाग ने अपनी आख्या शामली के राजस्व विभाग से मांग रखी है। आरोप है कि किले पर कब्जा किया हुआ है।आए दिन लोग किले को तोड़कर उसका स्वरूप बदल रहे हैं। हमारे पूर्वजों ने मुगलों एवं पठानों से लड़ते हुए मनहार खेड़ा की रक्षा की है। किले में हाथीखाना, महल, बैलखानें, पक्की हवेलियों को तोड़ने से बचाया जाए। पुरातत्व विभगा की रिपोर्ट के आने का इंतजार किया जाए।
- समिति के इन कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराए बयान
मोहर सिंह, भूपेंद्र सिंह, रामकिशन सिंह, तीर्थपाल सिंह, विजेंद्रपाल सिंह, श्रीपाल सिंह, भानु, दुष्यंत राणा, राकेश पुंडीर आदि।
- बयान में समिति के पदाधिकारियों ने यह कहा
किला मनहार खेड़ा के पूर्वजों का है, जिस पर उस समय कब्जा कर लिया गया था। उनके कई लोगों को भी मारकर डाल दिया गया था। किले का जल्द से जल्द संरक्षण होना चाहिए।