संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में लंबे समय से तैनात लिपिक विपिन शर्मा एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। उनकी तैनाती और कार्यप्रणाली को लेकर सभासदों की ओर से लगाए गए आरोपों पर अब औपचारिक जांच शुरू हो गई है। मंडल आयुक्त मेरठ के हस्तक्षेप के बाद पालिका कर्मचारियों में बेचैनी है।
नगर पालिका सभासद शानू जैन, आशीष त्यागी, राहुल पाल और तनिका जैन ने मंडलायुक्त से शिकायत कर आरोप लगाया था कि लिपिक आश्रित कोटे से नियुक्ति के बावजूद करीब 27 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत है। आरोप यह भी है कि उन्होंने कई कार्यों में अनियमितताएं कीं और आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मंडल आयुक्त ने एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर को जांच कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला को पत्र भेजकर वरिष्ठ लिपिक की तैनाती, सेवा विवरण, आय–व्यय संबंधी अभिलेख और चल-अचल संपत्तियों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा है। शिकायतकर्ता सभासद शानू जैन का कहना है कि यदि जांच में ढिलाई बरती गई तो वह मामला मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगे। उनका आरोप है कि लिपिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई से बचते रहे हैं।
वरिष्ठ लिपिक विपिन शर्मा ने सभी आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उनका कहना है कि पूर्व में भी कई बार जांच हो चुकी है लेकिन आरोप सिद्ध नहीं हुए। उन्होंने कहा कि कुछ सभासद उन पर अनुचित कार्य कराने का दबाव बनाते हैं और विरोध करने पर शिकायतें दर्ज करा दी जाती हैं। वह किसी भी स्तर की जांच के लिए तैयार हैं।