माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। महानगर के नगर निगम कार्यालय में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भीड़ उमड़ रही है। कार्यालय में प्रमाणपत्र के आवेदन का अंबार लगा है जिससे अभिभावक चिंतित हैं। कई स्कूलों ने दाखिले के लिए जन्म प्रमाणपत्र को अनिवार्य कर दिया है जिससे बच्चों के दाखिले पर संकट मंडरा रहा है। जन्म प्रमाणपत्र न बनने को लेकर लोगों ने निगम परिसर में हंगामा कर दिया। हालात खराब होने का जिम्मेदार सदर तहसील को बताकर भी लोगों में उसके प्रति नाराजगी जताई।
नगर निगम में वर्तमान में दो हजार से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं। बिना किसी सिफारिश के प्रमाणपत्र जारी करवाना चुनौती बन गया है। सदर तहसील में भी जन्म प्रमाणपत्र के आवेदन धूल फांक रहे हैं। मंगलवार को प्रमाणपत्र न बनने पर लोगों ने निगम कार्यालय में हंगामा किया। गंगानगर निवासी हरीश कुमार ने बताया कि उन्होंने एक सप्ताह पहले आवेदन किया था। अब स्कूल ने बिना प्रमाणपत्र के दाखिला देने से मना कर दिया है। शास्त्रीनगर निवासी अनिल कुमार ने भी ऐसी ही समस्या बताई है। कंकरखेड़ा निवासी इमरान ने 6 माह पूर्व आवेदन किया था, लेकिन उनका आवेदन सदर तहसील में अटका है। सोमवार को भी तीनों लोगों ने निगम परिसर में हंगामा किया था।
महीनों से लंबित पड़े है आवेदन
जन्म प्रमाणपत्र के अभाव में बच्चों के स्कूलों में दाखिले पर संकट है। अभिभावकों को आवेदन के समय ही प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है। दाखिले की अंतिम तारीख नजदीक आने के बावजूद प्रमाणपत्र जारी नहीं हो रहे हैं। कई अभिभावकों के आवेदन महीनों से लंबित पड़े हैं। उन्हें निगम और तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लोगों ने बताया कि निगम से प्रक्रिया पूरी करने के बाद तहसील में प्रमाण पत्र अटक जाता है।
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जन्म प्रमाणपत्र जारी कराने के लिए निगम की कार्यशैली की मॉनीटरिंग हो रही है। जिस पटल से लापरवाही हो रही है, उनके संबंधित अधिकारी या कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा। सभी दस्तावेज पूरे होने पर तुरंत प्रक्रिया करके प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हुए है। - पंकज कुमार, अपर नगर आयुक्त