जगबीर ने महिला को जबरन ले जाने का विरोध करने का लगाया था आरोप
जगबीर ने आरोप लगाया था कि एक मूक-बधिर महिला को जबरन ले जाने का विरोध करने पर उसे जलाया गया। उसने इस संबंध में पहले भी अधिकारियों से शिकायत की थी। पुलिस ने अब महिला के अपहरण से जुड़े आरोपों की भी जांच कराने की बात कही है।
14 जुलाई को मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र
जगबीर ने 14 जुलाई को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एक मूक-बधिर महिला के अपहरण और कुछ लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। उसने पत्र में थाने में सुनवाई नहीं होने की बात कहते हुए निष्पक्ष जांच और महिला को सकुशल बरामद कराने की मांग की थी।
तीन जुलाई की घटना का भी किया था जिक्र
जगबीर ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया था कि तीन जुलाई को गांव का एक व्यक्ति उस दिव्यांग महिला को जबरदस्ती ले जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उसने पत्र में यह भी आरोप लगाया था कि कुछ महीने पहले कुछ असामाजिक तत्व महिला को अगवा कर ले गए थे और उसके साथ दुष्कर्म किया था। बाद में महिला को एक नहर के पास छोड़ दिया गया था, जहां से एक व्यक्ति उसे वापस जगबीर के पास छोड़ गया था।
पुलिस बोली- जगबीर ने खुद लगाई थी आग
सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जगबीर ने स्वयं आग लगाई थी। उन्होंने कहा कि महिला के अपहरण से जुड़े आरोपों की जांच कराई जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।