सोहरका में निछत्तर और भोलू की हत्या के बाद परिवार पीएसी की सुरक्षा में है। बच्चों का स्कूल जाना तो दूर घर के बाहर भी खेलने से भी उनको डर लगता है। इतना ही नहीं बच्चे अपनी मां व बुआ को घर से बाहर नहीं बैठने देते। बच्चे कहते है कि मम्मी अंदर चलो, नहीं पापा और दादी के तरह हम भी मार देंगे। मंगलवार को सोहरका गांव में भोलू के घर में यही हालात थे।
परतापुर के सोहरका गांव में भोलू की पत्नी कंचन बताती है कि ससुर नरेंद्र की हत्या में गवाही देने से पहले पति भोलू और सास निछत्तर कौर को आरोपियों ने मार डाला। पति, सास की हत्या में वह भी गवाह है। पैरवी करने वाला भी कोई नहीं बचा। उसकी भी हत्या हो सकती है। कंचन अपने मासूम बेटे वीर और बेटी परी के साथ घर में ही कैद बनी हुई है। चौखट पर पीएसी का कैंप उनकी सुरक्षा में लगा है। कंचन ने बताया कि उसकी ननद व बुआ बिजेंद्री उसके साथ रहते है। रात को नींद भी नहीं आती। उनको अभी खतरा बना हुआ है। कब उनके साथ कौन सी वारदात हो जाए, कोई नहीं जानता है।
कोई नेता पूछने तक नहीं आया
कंचन ने बताया कि कोई जनप्रतिनिधि हमारे घर तक हाल पूछने नहीं आया। हम किस हालत में जी रहे, कोई पूछने वाला नहीं। चुनाव आते ही नेता वोट मांगने तो आ जाते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। किसी ने एक बार नहीं सोचा कि सरकार से कुछ मुआवजा दिला दे, ताकि परिवार का जीवन चल सके।
मालू जेल से नहीं छूटना चाहिए
कंचन का कहना है कि मालू जेल से नहीं छूटना चाहिए। मालू को छुड़ाने के लिए उसके भाई ने दो हत्या कर दी। अब मालू अपने भाई मांगे को छुड़ाने के लिए वारदात कर सकता है। हत्यारोपियों को सजा मिले तो इंसाफ मिलेगा। जल्द ही कोर्ट अपना फैसला सुना दे तो हमारी सिरदर्द कुछ कम हो जाएगा।