कब्जेदारों ने जला दी बच्चों की किताबें
बताया गया कि कब्जेदारों ने बच्चों की किताबें जला दीं और फर्नीचर तोड़ दिया। वहीं स्कूल संचालिका तिलतआरा पत्नी सैय्यद जफर मेंहदी ने कहा कि कब्जेदारों ने रविवार रात को स्कूल का ताला तोड़कर अपना ताला लगा दिया। सुबह से बच्चे स्कूल के बाहर खड़े हैं। इन्होंने बच्चों की किताबों तक में आग लगा दी है। 30 साल से हमारा स्कूल चल रहा है। बच्चों को स्कूल में अंदर नहीं जाने दे रहे। हम सब परेशान हैं। स्कूल में रखा फर्नीचर भी तोड़ दिया गया है, जो झूले लगे थे वो भी हटवा दिए, सब नष्ट कर दिया।
पुराने मालिक और स्कूल संचालक का विवाद, मौके पर पहुंचे कब्जेदार
मोमीन मलिक ने कहा कि एक महीने पहले ही मैंने स्कूल को खरीदा है और पिछले मालिक ने खुद मुझे ताला खोलकर स्कूल सौंपा है। मैंने रुपये देकर बकायदा स्कूल खरीदा है। पिछले मालिक और स्कूल संचालक का क्या विवाद है मैं नहीं जानता।
स्कूल बेचने वाले को तलाश रही पुलिस
मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने दोनों पक्षों से बात कर मामले को शांत कराया। पुलिस अब स्कूल बेचने वाले शख्स को ढूंढ़ रही है। इस दौरान कब्जेदार और स्कूल प्रिंसिपल में बहस भी हुई। पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।